परवेज मुशर्रफ ने दुनिया को बताई पाक की असलियत!

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान के पूर्व तानाशाह और पूर्व आर्मी चीफ परवेज मुशर्रफ का नया बयान एक तरह से पाकिस्‍तान के कुबूलनामे की ही तरह है। पाक जो अब तक खुद को आतंकवाद के मसले पर बेकसूर बताता आया है, वहां के एक पूर्व राष्‍ट्रपति और पूर्व शासक ने आखिरकार मान ही लिया है कि पाक में लश्‍कर-ए-तैयबा और दूसरे आतंकी संगठनों को सुरक्षा मिली हुई है।

अभी पिछले हफ्ते ही पाक के पीएम नवाज शरीफ ने अमेरिका के राष्‍ट्रपति बराक ओबामा से वादा किया है कि वह पाक में मौजूद आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

बढ़ सकती हैं पीएम शरीफ की मुश्किलें

मुशर्रफ का बयान शरीफ के लिए नई मुसीबत पैदा कर सकता है। मुशर्रफ ने इंटरव्‍यू में पाक के उस पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया है जिसके तहत वह आतंकियों को पनाह दे रहा है।

मुशर्रफ ने अपने इंटरव्‍यू में कहा है कि 90 के दशक में प्रशिक्षित आतंकी संगठन जैसे लश्‍कर-ए-तैयबा को कश्‍मीर में आतंकवाद फैलाने के लिए तैयार किया गया था।

आईएसआई ने दी लश्‍कर को शरण

इसके साथ ही कश्‍मीर में आजादी की लड़ाई शुरू हुई थी। लश्‍कर के साथ 11 और 12 आतंकी संगठनों को कश्‍मीर में युद्ध के लिए मदद दी गई और प्रशिक्षण दिया गया।

लश्‍कर को पाक में समर्थन मिला हुआ है यह बात सभी को मालूम है। पाक में लश्‍कर के आतंकियों को आजादी की लड़ाई लड़ने वाला कहा जाता है। लश्‍कर पाक का ऐसा आतंकी संगठन है जो कभी भी आईएसआई के खिलाफ नहीं गया।

हमेशा इंकार करता आया पाक

पाक हमेशा लश्‍कर को समर्थन से इंकार और इकरार की कनफ्यूजन वाली स्थिति में रहा है। वर्ष 2006 में जो लश्‍कर के कुछ आतंकियों ने अफगानिस्‍तान में तालिबान के साथ हाथ मिला लिया।

भारत में विशेषज्ञों की मानें तो पाक की कोई भी सरकार कभी लश्‍कर के खिलाफ नहीं जा सकती है। मुशर्रफ के ताजे बयान से यह बात साफ हो गई है कि कश्‍मीर में लश्‍कर काफी अहम है और यहां पर आतंक को बढ़ावा दे रहा है।फिलहाल यह देखना दिलचस्‍प होगा कि मुशर्रफ के इस कुबूलनाम का पाक में क्‍या असर होता है।

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