• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

पाकिस्तान में अब रोटी पर भी आफत! इस वजह से आसमान छू रहे हैं गेहूं के दाम, आगे सिर्फ नाउम्मीदी

|
Google Oneindia News

लाहौर, 25 मई: पाकिस्तान काफी समय से भयानक आर्थिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। वहां नई सरकार आई है, लेकिन हालात संभलते नजर नहीं आ रहे हैं। देश का खजाना पहले से ही खाली हो चुका है और कर्ज के भरोसे अबतक किसी तरह से काम चल रहा है। लेकिन, अब खाने का भी संकट खड़ा हो गया है। गेहूं के दाम अबतक के रिकॉर्ड स्तर को छू रहे हैं। इसकी कई वजहें हैं, एक तो जलवायु परिवर्तन के चलते पैदावार प्रभावित हुई है, ऊपर से इसमें आर्थिक तंगी को भी कारण माना जा रहा है। ऊपर से चाहकर भी गेहूं का आयात करना आसान नहीं है। क्योंकि, ना तो मुल्क की माली हालत ठीक है और ना ही विदेशों से जरूरत के हिसाब से उपलब्ध हो पाना ही संभव है।

पाकिस्तान में रिकॉर्ड स्तर पर गेहूं के दाम

पाकिस्तान में रिकॉर्ड स्तर पर गेहूं के दाम

तेल और बिजली संकट के बाद पाकिस्तान के लोगों के सामने अब खाने के भी लाले पड़ने लगे हैं। इसकी मुख्य वजह है कि गेहूं की कीमतें आसमान छूने लगी हैं और यह अबतक के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी हैं। मुल्क पहले से ही राजनीतिक और बहुत ही गंभीर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। ऊपर से अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल गेहूं के स्थानीय पैदावार में 2 मीट्रिक टन की कमी रहने वाली है। गेहूं की कमी से कीमतों में इजाफा हुआ है और इससे अर्थव्यवस्था और बिगड़ रही है। गेहूं के मौजूदा संकट के पीछे हीटवेव को बहुत बड़ी वजह बताया जा रहा है।

अनुमान से काफी कम गेहूं का उत्पादन

अनुमान से काफी कम गेहूं का उत्पादन

चालू सीजन में पाकिस्तान ने 28.9 मीट्रिक टन गेहूं पैदावार का लक्ष्य रखा था, जो कि लग रहा है कि 26.9 मीट्रिक टन तक ही हो पाएगा। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक इसका कारण मार्च के मध्य से ही जबर्दस्त लू चलने, यूरिया और डीएपी का इस्तेमाल पर्याप्त नहीं हो पाने (अनुपलब्धता या ज्यादा कीमत की वजह से) और पानी की कमी के चलते पैदावार में कमी आना है। वैसे यह तथ्य है कि कांग्रेस की अर्थयवस्था चौपट होने लगी तो सरकार ने तेल और बिजली से सब्सिडी हटा दी, क्योंकि मुल्क अभी भी चालू खाते के घाटे को संभालने के लिए संघर्ष कर रहा है।

सुरक्षित स्टॉक में सिर्फ 10 लाख टन गेहूं बच गया है

सुरक्षित स्टॉक में सिर्फ 10 लाख टन गेहूं बच गया है

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक अगली फसल तक पाकिस्तान को 30.8 मीट्रिक टन गेहूं की आवश्यकता पड़ेगा। जबकि, कैरीओवर स्टॉक में सिर्फ 10 लाख टन गेहूं ही बच गया है। यानी अगर 26.9 मीट्रिक टन सप्लाई आती भी है, तब भी 3 मीट्रिक टन का अनाज कम पड़ेगा। लेकिन, पाकिस्तान की जो माली हालत हो चुकी है, उसमें इसके लिए विदेशी मुद्रा खर्च करना बहुत भारी पड़ेगा। आमतौर पर पाकिस्तान यूक्रेन से गेहूं आयात करता रहा है, जो कि दुनिया का पांचवां गेहूं निर्यातक है 21-22 में उसने 19 मीट्रिक टन दूसरे देशों को सप्लाई किया था। लेकिन, रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से वहां से गेहूं आयात करना अभी मुश्किल है। खासकर काला सागर में समुद्री व्यापार बाधित हुआ है, जिस रास्ते हर साल 60 मीट्रिक टन गेहूं ढोया जाता है।

आटा उद्योग ने भी खड़े किए हाथ

आटा उद्योग ने भी खड़े किए हाथ

पाकिस्तान फ्लोर मिल्स एसोसिएशन के एक सदस्य खलीक अरशद ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी कीमतों में आग लगी हुई है, इसलिए प्राइवेट सेक्टर इस बार आयात नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से गुजारिश की है कि दाम और ज्यादा बढ़े, उससे पहले आयात की व्यवस्था करे। यही नहीं, आटा उद्योग भी यह पहले ही साफ कर चुका है कि वह आयात का भार, सरकार से बांटने के लिए तैयार नहीं है, बल्कि इनकी मांग है कि सरकार गेहूं मंगवाए और आटा उद्योग को रियाती दर पर उपलब्ध करवाए।

इसे भी पढ़ें-'हमें मॉडर्न मुस्लिम बनने की जरूरत, भारत के साथ एक दिन....' दावोस सम्मेलन में बोले बिलावल भुट्टोइसे भी पढ़ें-'हमें मॉडर्न मुस्लिम बनने की जरूरत, भारत के साथ एक दिन....' दावोस सम्मेलन में बोले बिलावल भुट्टो

पाकिस्तान की नई सरकार की बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान की नई सरकार की बढ़ी चुनौती

पहले से ही ऐतिहासिक आर्थिक जिल्लत झेल रहे पाकिस्तान के हुक्कमरानों के लिए आने वाले वक्त में यह बहुत बड़ी चुनौती बन सकता है, जहां कुछ समय पहले भी आम लोगों को रोटियां नसीब नहीं हो पा रही थीं। पाकिस्तान पर आए आटा संकट अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बन गई थीं। लेकिन, इस बार का संकट तो और ज्यादा बड़ा है, जब पूरी दुनिया गेहूं की किल्लत झेल रही है और वैश्विक संस्थाएं भी भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही हैं।(इनपुट एएनआई से)(कुछ तस्वीरें- प्रतीकात्मक)

Comments
English summary
Wheat prices have started touching the sky in Pakistan, it may be difficult to get rotis. Government treasury empty, how will imports costly
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X