Akhilesh की बेटी Aditi Yadav को बदनाम करने वाले कौन-कौन? FIR दर्ज, इस कवि-पत्रकार पर भी उछला कीचड़!
Akhilesh Yadav Daughter Aditi Yadav Photo Viral: उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर एक तूफान टूट पड़ा है। पहले छोटे भाई (सौतेले) प्रतीक यादव को खोना। अब बड़ी बेटी अदिति यादव (23 वर्ष) को सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश। 9 जून 2026 को वायरल हुई आपत्तिजनक और फर्जी पोस्ट में दावे हुए कि अदिति ने घर से 7 करोड़ चोरी किए और अपने मुस्लिम दोस्त के साथ भाग गईं, जो पूरी तरह गलत और ऐसा अपराध है, जिसकी कोई माफी नहीं। मामला अब कानूनी रूप ले चुका है।
गुरुवार 11 जून को कानपुर और प्रतापगढ़ में अलग-अलग FIR दर्ज की गईं। इनमें एक फर्जी फेसबुक आईडी 'शीतला सुजान कवि पत्रकार' समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। अखिलेश यादव ने खुद इस पर सवाल उठाते हुए बीजेपी पर तंज कसा, जबकि आरोपी पक्ष ने दावा किया कि उन्होंने सिर्फ पुरानी घटनाओं का जिक्र किया था। आइए अब सवाल उठता है कौन हैं ये कवि पत्रकार, जिनपर उछली कीचड़ और FIR से क्या-लेना देना? पूरी टाइमलाइन समझें...

- 9 जून 2026, रात 9:52 बजे : फेसबुक पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के बारे में असत्य, भ्रामक और अत्यंत आपत्तिजनक दावे किए गए। पोस्ट में फोटो एडिटिंग का भी इस्तेमाल किया गया था। पोस्ट तेजी से शेयर हुई और कई अकाउंट्स पर कमेंट्स के जरिए इसे और फैलाया गया।

- 10 जून 2026: 'शीतला सुजान कवि पत्रकार' नामक अकाउंट से विस्तृत पोस्ट किया गया, जिसमें सपा नेताओं पर पलटवार करते हुए अन्य महिला नेताओं (स्मृति इरानी, कंगना रानावत, मैथिली ठाकुर आदि) के पुराने फोटो एडिटिंग वाले मामलों का जिक्र किया गया। पोस्ट में सवाल उठाया गया कि जब दूसरों की इज्जत का सवाल आता है तो सपा चुप क्यों रहती है?
- 11 जून 2026: प्रतापगढ़ साइबर क्राइम थाने में 'शीतला सुजान कवि पत्रकार' के फर्जी एक अकाउंट पर FIR संख्या 02020/2026 दर्ज। शिकायतकर्ता सपा जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी। कानपुर में अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव की शिकायत पर साइबर थाने में अलग FIR दर्ज कराई। आरोपी: भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल, विनोद कुमार यादव। दोनों जगहों पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
- 12 जून 2026: FIR दर्ज होने के बाद शीतला सुजान ने फर्जी फेसबुक पर पोस्ट कर कहा कि मुझे खेद है कि सोशल मीडिया पर चल रही खबर को सही मानकर अपने लेख में शामिल किया। सबकी बहन-बेटी की इज्जत समान है। उन्होंने सपा पर पलटवार करते हुए कहा कि जब उनकी तरफ की महिलाओं की इज्जत का सवाल आता है तो सपा चुप रहती है। उन्होंने कई उदाहरण दिए, जिनमें स्मृति इरानी, कंगना रानावत, मैथिली ठाकुर और रिद्धिमा शर्मा जैसे नाम शामिल थे।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 352 (महिला की गरिमा भंग करने संबंधी)
- सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम धारा 66C (पहचान चोरी/फर्जी डिजिटल पहचान का दुरुपयोग)
- आरोपी: भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल, विनोद कुमार यादव।
- आरोप: महिला की छवि धूमिल करना, फर्जी फोटो एडिटिंग, जालसाजी और सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाना।
- 1992 से सक्रिय- कविता, साहित्य और पत्रकारिता के जरिए समाज सुधार का काम।
- 'शगुन समाचार' हिंदी दैनिक के प्रतापगढ़ ब्यूरो चीफ।
- 2022 में भारत सरकार के एक कैबिनेट मंत्री द्वारा लखनऊ में 'स्पेशल जर्नलिस्ट' सम्मान।
- शिक्षा: केपी कॉलेज और केपी हिंदू इंटर कॉलेज, प्रतापगढ़।
- BNS धारा 352: महिला की गरिमा भंग करने या अपमान करने से संबंधित।
- IT Act 66C: किसी की डिजिटल पहचान का दुरुपयोग, फर्जी अकाउंट बनाकर बदनामी।
- अदालतें ऐसे मामलों में तेजी से संज्ञान ले रही हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट कई बार फेक न्यूज और चरित्र हनन पर सख्त टिप्पणियां कर चुके हैं।

FIR में कौन-कौन आरोपी? धाराएं क्या हैं?

प्रतापगढ़ FIR का मुख्य आरोपी बना फर्जी फेसबुक आईडी 'शीतला सुजान कवि पत्रकार'। इसपर धाराएं लगीं...
कानपुर FIR:
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों मामलों में आईपी एड्रेस, डिवाइस जानकारी और अकाउंट की मेटाडेटा की जांच की जा रही है। साइबर एक्सपर्ट्स फेसबुक से डेटा मांग रहे हैं।
Who Is Sheetla Sujan Kavi Patrkar: कौन हैं शीतला सुजान कवि पत्रकार?

शीतला सुजान प्रतापगढ़ जिले के बेला निवासी हैं। उनका जन्म 30 मार्च 1970 को हुआ। वे खुद को कवि, साहित्यकार और पत्रकार बताते हैं। उनके फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार,
बेटी के लिए इंसाफ लेने अखिलेश यादव उतरे रण में?

अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बीजेपी के घर-परिवार नहीं हैं, तो वो क्या किसी के घर-परिवार, बेटी के बारे में गलत बोलेंगे? सीएम योगी चुप क्यों हैं? उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया और सवाल किया कि विपक्षी परिवारों की महिलाओं को निशाना क्यों बनाया जा रहा है।
कानूनी पहलू: क्या कहता है कानून?
पुलिस की चुनौती यह है कि फर्जी अकाउंट्स का पता लगाना और असली चेहरे तक पहुंचना। कई बार विदेशी सर्वर या वीपीएन का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे जांच जटिल हो जाती है। भारत में महिलाओं के खिलाफ साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, सोशल मीडिया पर महिलाओं को टारगेट करने वाले केस में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार ने IT Rules 2021 के तहत प्लेटफॉर्म्स पर जिम्मेदारी बढ़ाई है, फिर भी लागूकरण में चुनौतियां बनी हुई हैं।
पुलिस जांच जारी है। किसी भी पक्ष को दोषी मानने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। परिवार की बेटी की सुरक्षा और सम्मान हर राजनीति से ऊपर है।
नोट- FIR और तथ्यों पर आधारित खबर है।
Download












Click it and Unblock the Notifications