Goa Electricity Bill Row: महंगे बिजली बिलों से गोवा में बवाल, AAP की मांग- हर परिवार को 300 यूनिट मुफ्त बिजली
Goa Electricity Bill Row: गोवा में बिजली के बढ़ते दामों और भारी-भरकम बिलों को लेकर इस समय भारी सियासी घमासान मचा हुआ है। आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर हर घर के लिए 300 यूनिट तक घरेलू बिजली मुफ्त करने की मांग की है। इसी बीच, खुद सत्ताधारी भाजपा के मंत्री ने भी बिजली के बढ़े बिलों पर जनता के सुर में सुर मिलाया है।
मडगांव के आक्रोशित नागरिकों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए दिग्गज भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री दिगंबर कामत ने खुद सक्रियता दिखाई है। उन्होंने स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर बिजली विभाग के उच्च अधिकारी राजीव सामंत से मुलाकात की।

इस दौरान लोगों ने हाल ही में आए अप्रत्याशित और अत्यधिक बिजली बिलों को अधिकारी के सामने रखते हुए अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
मडगांव में बिजली बिलों को लेकर लोगों का गुस्सा
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री दिगंबर कामत ने माना कि जनता को मिले बिजली के बिल अनुचित हैं और उनमें विसंगतियां हैं। कामत ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मडगांव की जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह इस गंभीर मुद्दे को जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष के समक्ष उठाकर प्रभावित उपभोक्ताओं के हित में उचित समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी ने इस स्थिति को भुनाते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'आप' के नेताओं का तर्क है कि इस समय पूरे देश में गोवा में बिजली की दरें सबसे अधिक हैं। महंगाई की मार झेल रहे आम नागरिकों के लिए अब इतने बड़े बिलों का भुगतान करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। इसी सिलसिले में उन्होंने वर्तमान बिजली नीति में बड़े बदलाव की मांग की है।
मुफ्त बिजली की तर्ज पर नीति बदलने की मांग
विपक्ष का कहना है कि जब देश के अन्य राज्यों जैसे दिल्ली और पंजाब में जनता को मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा रही है, तो गोवा में ऐसा क्यों नहीं हो सकता। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि गोवा में भी प्रति परिवार 300 यूनिट तक की घरेलू बिजली को तुरंत मुफ्त घोषित किया जाए। उनका कहना है कि सरकारी खजाने से आम जनता को यह न्यूनतम राहत मिलना उनका बुनियादी अधिकार है।
फिलहाल मडगांव सहित पूरे गोवा में बिजली के बढ़े बिलों का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां मुख्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरकर आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मंत्री दिगंबर कामत के आश्वासन के बाद अब प्रभावित उपभोक्ताओं को बिजली विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय से किसी सकारात्मक फैसले का इंतजार है ताकि इस अत्यधिक वित्तीय बोझ से उन्हें मुक्ति मिल सके।












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