पाकिस्तान में कोरोना वायरस ने ली एक की जान, अब तक 184 मामले आए सामने
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में कोरोना वायरस की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पाकिस्तान में सोमवार को 90 केसेज आए हैं जिनमें कोरोना की पुष्टि हुई है। मंगलवार को पाक के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि अब देश में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 184 हो गई है। दूसरी तरफ पाक के जो राष्ट्रपति आरिफ अल्वी वुहान में फंसे अपने देश के छात्रों को नसीहत दे रहे थे कि उन्हें वुहान में ही रहना होगा, वही राष्ट्रपति संकट और महामारी के बीच ही चीन पहुंच गए हैं।

ईरान से लौटा था व्यक्ति
पाकिस्तान से मंगलवार को कोरोना की वजह से एक व्यक्ति की मौत की खबर आई है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति ईरान-ताफ्तान बॉर्डर से आया था। इसे क्वारंटाइन में रखा गया था। पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ बताया गया है कि जो नए केस आए हैं वह उत्तर पूर्व पंजाब, दक्षिणी सिंध और खैबर पख्तूनख्वां के उत्तर-पश्चिमी हिस्से से आए हैं। सिंध की प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता मुर्जता वहाब की ओर से ट्वीट कर जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से सिंध में प्रभावित लोगों की संख्या 146 हो गई है। इसमें से 119 तीर्थयात्री हैं जिन्हे सुक्कुर में रखा गया है। 26 कराची में हैं और एक हैदराबाद में है। पाक के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की संख्या में जो इजाफा हुआ है उसकी वजह ताफ्तान से आने वाले लोग हैं। ताफ्तान, बलूचिस्तान प्रांत से सटा हुआ कस्बा है। पाकिस्तान ने ईरान से आने वाले सैंकड़ों लोगों को यहीं पर क्वारंटाइन करके रखा है। पाकिस्तान ने ईरान और अफगानिस्तान से सटे बॉर्डर को बंद कर दिया है। प्रधानमंत्री इमरान खान की तरफ से पिछले दिनों दावा किया गया था कि हालात नियंत्रण में हैं। लेकिन स्थिति इसके एकदम विपरीत है।
सिंध पर सबसे ज्यादा असर
सिंध प्रांत, कोरोना का गढ़ बनता जा रहा है और यहां पर सबसे ज्यादा 150 मामले सामने आए हैं। खैबर पख्तूनख्वा में 15, बलूचिस्तान में 10, पंजाब में दो, राजधानी इस्लामाबाद में दो, गिलगित बाल्टिस्तान में पांच मामले सामने आए हैं। पाकिस्तान में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या पिछले 24 घंटे में तीन गुना हो गई। सिंध प्रांत में ही कोरोना के 115 नए मामले सामने आए हैं। देश के सभी कॉलेज और स्कूलों को बंद कर दिया गया है। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले कराची शहर में कोरोना के 30 मामले सामने आए हैं। हालत यह है कि पाकिस्तान में संक्रमित लोगों को बचाने में जुटे डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं हैं। पाकिस्तान के अखबार द नेशन के अनुसार, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) में बचाव के बुनियादी संसाधन तक उपलब्ध नहीं हैं, जिस वजह से यहां डॉक्टर भी सुरक्षित नहीं हैं। रविवार को कोरोना संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति को वेंटिलेटर पर लेकर जाने वाले दो डॉक्टरों को ही आइसोलेशन में रखना पड़ा है।












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