पाक के लिए बुरी खबर, 26/11 में इंसाफ के लिए चीन भी आया भारत के साथ

बीजिंग। पाकिस्‍तान ने एक तरफ तो मिलिट्री डे की परेड के लिए चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को खास मेहमान बनने का आमंत्रण भेजा है तो वहीं चीन ने उसके लिए एक मुसीबत खड़ी कर दी है। चीन ने एक अहम और बड़े कदम के तहत यूनाइटेड नेशंस में भारत के उस प्रस्‍ताव का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है जो आतंकवाद के खिलाफ है। विशेषज्ञों की मानें तो यह प्रस्‍ताव पूरी तरह से पाक के खिलाफ है।

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क्‍या है यूएन चार्टर

भारत ने 26/11 के आरोपियों को जो कि पाक में हैं, उन्‍हें सजा दिलाने के मकसद से एक रेजॉल्‍यूशन की मांग की है। इस रेजॉल्‍यूशन के तहत उन देशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है जिन्‍होंने आतंकवाद को अपने यहां बढ़ावा दे रहे हैं और आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं।

चीन ने सोमवार को ऐलान कर दिया है कि रूस और चीन इस मुद्दे पर भारत के साथ खड़े हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने अपने चीन के दौरे पर मीडिया को जानकारी दी कि यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। चीन ने यह भी साफ कर दिया है कि भारत और रूस के साथ उसके जो संबंध हैं, वह किसी भी कीमत पर नहीं बदलेंगे।

चीन में पनपता आतंकवाद

विशेषज्ञ भी इस बात को लेकर काफी खुश हैं क्‍योंकि चीन और पाकिस्‍तान काफी करीब हैं। साथ ही साथ कुछ दिनों पहले ही चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने भी पाक को अपना कभी न बदलने वाला दोस्‍त करार दिया था।

अब चीन के इस ऐलान से इस्‍लामाबाद में हलचल मचना लाजिमी है। चीन का शिजांग प्रांत पिछले कुछ समय से आतंकी गतिविधियों से जूझ रहा है। चीन हमेशा से ही यह बात कहता आया है कि उसके यहां जो आतंकी ताकते हैं उन्‍हें विदेशी ताकतें बढ़ावा दे रही हैं।

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