Karnataka CM Change? सिद्धारमैया को दिल्ली से अचानक बुलावा, डीके शिवकुमार की होगी ताजपोशी? 'पावर गेम' का सच
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस आलाकमान ने 26 मई को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए तलब किया है। उनके इस दौरे ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन और संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर अटकलों को फिर से हवा दे दी है।
सिद्धारमैया ने सोमवार को अपनी दिल्ली यात्रा की पुष्टि की, लेकिन इस बात से अनभिज्ञता जताई कि बैठक का वास्तविक एजेंडा क्या है। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बताया कि कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार रात फोन पर उन्हें इस बैठक की सूचना दी थी। मुलाकात के उद्देश्य से जुड़े सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे दिल्ली बुलाया गया है। कल सुबह 11 बजे बैठक है। मुझे विषय नहीं पता।"

यह बयान राज्य की सत्ता में चल रही खींचतान की चर्चाओं को और बल दे रहा है। यह घटनाक्रम कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की लगातार उड़ रही अफवाहों के बीच सामने आया है। राज्य में कांग्रेस सरकार को सत्ता संभाले हाल ही में तीन साल पूरे हुए हैं।
क्या डीके शिवकुमार अब संभालेंगे सीएम की कुर्सी?
इन अटकलों को उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बयान से भी हवा मिली है, जिन्होंने कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व उन्हें बुलाता है, तो वे भी दिल्ली का दौरा करेंगे। डी.के. शिवकुमार के समर्थक लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री का पद दिया जाए। वे 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद हुए कथित सत्ता-साझाकरण समझौते का हवाला दे रहे हैं। वहीं, सिद्धारमैया हालांकि, बार-बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।
क्या सीएम पद आसानी से छोड़ देंगे सिद्धारमैया?
मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने यह भी कहा है कि वे कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिए गए किसी भी फैसले का पूरी तरह पालन करेंगे। इस बीच, नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही बहस ने मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग को भी हवा दे दी है।
कई कांग्रेस विधायक मंत्री पद पाने के लिए जोरदार लॉबिंग कर रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर खींचतान बढ़ गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया जहां फ़ेरबदल के पक्ष में बताए जा रहे हैं, वहीं शिवकुमार कथित तौर पर पहले नेतृत्व के मुद्दे पर स्पष्टता चाहते हैं।
क्या कर्नाटक कैबिनेट का होगा विस्तार?
कर्नाटक कैबिनेट में वर्तमान में तीन मंत्रियों के पद खाली हैं। ये रिक्तियां बी. नागेंद्र के कथित गबन के आरोपों पर इस्तीफे, के.एन. राजन्ना को हटाए जाने और मंत्री डी. सुधाकर के निधन के कारण हुई हैं। पार्टी के भीतर के नेताओं को आशंका है कि यह लंबी अनिश्चितता राज्य के प्रशासन को प्रभावित कर सकती है और 2028 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की संभावनाओं को कमजोर कर सकती है।














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