बैसाखी मनाने होशियारपुर से पाकिस्तान गई सिख महिला ने कुबूला इस्लाम और किया निकाह
बैसाखी का पर्व मनाने के लिए पंजाब के होशियारपुर से पाकिस्तान गई एक सिख महिला ने इस्लाम अपनाकर वहीं के युवक के साथ निकाह कर लिया है। इसके साथ ही उसने पाकिस्तान की सरकार से गुहार लगाई है कि उसका वीजा बढ़ा दिया जाए क्योंकि भारत वापस आने पर उसकी जान को खतरा है।
लाहौर। बैसाखी का पर्व मनाने के लिए पंजाब के होशियारपुर से पाकिस्तान गई एक सिख महिला ने इस्लाम अपनाकर वहीं के युवक के साथ निकाह कर लिया है। इसके साथ ही उसने पाकिस्तान की सरकार से गुहार लगाई है कि उसका वीजा बढ़ा दिया जाए क्योंकि भारत वापस आने पर उसकी जान को खतरा है। जिस व्यक्ति से इस महिला की शादी हुई है वह लाहौर का रहने वाला है। यह महिला 12 अप्रैल को शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) जत्थे के साथ लाहौर गई थी। सिर्फ चार दिनों के अंदर ही इस महिला ने इस्लाम को अपनाया है और अब पाकिस्तान में ही है।

21 अप्रैल को वापस लौटना था भारत
पाकिस्तान के दुनिया न्यूज की ओर से बताया गया है कि इस महिला का नाम किरनबाला है और पिता का मनोहर लाल है। 16 अप्रैल को शादी के बाद इसने अपना नाम बदलकर आमना बीबी कर लिया है। किरन बाला ने जामिया नइमा नामक जगह पर इस्लाम कुबूला है और इसके पति का नाम मोहम्मद आजम है। किरन बाला ने पाकिस्तान के आतंरिक मंत्रालय में अपनी वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए एप्लीकेशन फाइल की हुई है। मोहम्मद आजम लाहौर के हंजरवाल मुल्तान रोड का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि आजम से उसकी दोस्ती फेसबुक पर हुई थी। किरन बाला के घरवालों को उस समय इस बात का पता चला जब उसने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के पास इससे जुड़ी एक और एप्लीकेशन दायर की। किरन बाला ने लिखा है कि उसने अपनी मर्जी से लाहौर निवासी मोहम्मद आजम से निकाह किया और वह 21 अप्रैल को भारत लौटने वाले जत्थे के साथ वापस नहीं जाएगी। इसमें यह भी लिखा है कि उसके वीजा की अवधि 21 अप्रैल को खत्म हो रही है, इसलिए उसे अगले तीन महीने का वीजा दिया जाए, ताकि वह पाकिस्तान में रह सके।












Click it and Unblock the Notifications