नोएडा: लंदन की कंपनी को 14 करोड़ का चूना लगाने वाला गिरफ्तार
Noida news, नोएडा। अमेरिकी कंपनी वीसोले इंक के सीईओ और निदेशक फिल आल्पे से सॉफ्टवेयर डेवलप करने के नाम पर 14 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम ज्ञान रंजन बताया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ज्ञान रंजन गौड़ सिटी में अपनी पहचान बदलकर रह रहा था। पुलिस ने यह गिरफ्तारी कंपनी के सीईओ द्वारा शिकायत मुख्यमंत्री व डीजीपी को ट्वीट से करने के बाद की गई है।

पुलिस के मुताबिक अमेरिका कंपनी वीसोले इंक सॉफ्टवेयर अपने ग्राहकों को उपलब्ध कराती है। सेक्टर-2 स्थित आईटी कंपनी माइ माइंड इंफोटेक के हिमांशु खत्री ने वर्ष 2006 में उनसे कारोबार के सिलसिले में मुलाकात की थी। उस दौरान हिमांशु के साथ अच्छी गुणवत्ता के सॉफ्टवेयर मुहैया कराने को लेकर करार हुआ था। हिमांशु खत्री ने 40 हजार डॉलर प्रति माह लेकर अच्छी गुणवत्ता के सॉफ्टवेयर मुहैया कराने का भरोसा दिया था। बताया गया कि खत्री की कंपनी से फिल आल्पे 2015 तक सॉफ्टवेयर लेते रहे। ज्ञान रंजन इसी कंपनी में सौरभ कुमार के आधारकार्ड पर अपनी फोटो लगाकार फर्जी तरीके से काम कर रहा था। जिसका इंटरव्यू हिमांशु खत्री ने कराया था। फिलहाल मामले का मुख्य आरोपी हिमांशु खत्री फरार है। पुलिस टीमों द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
बताया गया कि हिमांशु खत्री अधिक पढ़े-लिखे लोगों का साक्षात्कार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कंपनी के मालिक से करवाता था। इसके बाद उनकी आईडी पर कम पढ़े-लिखे लोगों की फोटो लगकार मोटा वेतन वसूलता था। लंदन में बैठे कंपनी मालिक को इसकी भनक तक नहीं लगी। लगातार घाटा होने के बाद कंपनी मालिक ने इसकी जानकारी हासिल की। जिसके बाद हिमांशु खत्री के नाम मुकदमा दर्ज करवाया गया। ज्ञान रंजन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का दावा है कि वह जल्द ही हिमांशु खत्री तक पहुंच जाएंगे।
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