प्यार में सिरफिरी बेटी ने मां-बाप को मौत के घाट उतारा, घर से पैसे-जेवर लेकर मामा के साथ भागी
इश्क में पागल बेटी ने मां-बाप को फावड़े से मार डाला, फिर घर से नगदी-जेवर ले मामा के साथ भाग गई
Uttar pradesh news, कन्नौज। उत्तर प्रदेश में कन्नौज पुलिस ने एक बेटी की करतूतों से जुड़े बेहद सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। यहां मामा के प्यार में पागल एक युवती अपने माता-पिता की हत्या करके फरार हो गई। फरार होने से पहले उसने घर से नगदी और जेवर भी साथ में बांध लिए। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों (मामा-भांजी) को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है।

फावड़े से की थी मां-बाप की हत्या
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि बेटी ने अपने पिता पर फावड़े से हमला किया था। मामा के साथ एक राय होकर मां को मार डाला। उसके बाद मामा भांजी दोनों वहां से भाग गए। यह मामला कन्नौज के गुरसहायगंज कोतवाली के गौरियापुर गांव का है और करीब तीन माह पहले का है। यहां रमेश दोहरे (55 वर्ष) की बेटी संगीता देवी ने अपने मामा परवेंद्र निवासी कतन्नापुर हरदोई के साथ मिलकर पिता की फावड़ा से हत्या कर दी थी। मां ऊषा देवी को भी घायल कर दिया था। ऊषा देवी ने 16 अक्तूबर दम तोड़ दिया था। वारदात को अंजाम देकर फरार हुई संगीता और परवेंद्र की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने कई राज्यों में छापेमारी की थी, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

पुलिस को देते रहे चकमा
एक जनवरी को सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र सिंह और स्वॉट टीम प्रभारी राकेश कुमार के पास हत्यारी बेटी की सूचना आई। तब गुरसहायगंज कोतवाल नागेंद्र पाठक और कुछ सिपाहियों ने बेटी संगीता और उसके मामा परवेंद्र को खोजा। ये दोनों आरबीएस रोड अंगुश थाना भदरेश्वर जनपद हुगली (पश्चिम बंगाल) में नगमा नाम महिला के आवास पर किराए पर रहे थे। वहीं से दोनों गिरफ्तार किए गए। इससे पहले पुलिस को चकमा देते फिर रहे थे।

ऐसे फंसी थी मामा के जाल में
संगीता ने मामा से रिश्ते के बारे में भी बताया कि दो साल पहले मेरे भाई योगेंद्र प्रताप की शादी हुई थी। शादी में रिश्ते का मामा परवेंद्र भी आया था। तभी से दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इसके बाद परवेंद्र दिल्ली चला गया, लेकिन दोनों के बीच फोन पर बातचीत का सिलसिला बना रहा। इसके बाद परवेंद्र मेरे कहने पर धान की फसल में मदद कराने के लिए दिल्ली से गौरियापुर लौटा। जहां बहन-बहनोई के घर ही रहने लगा। वहीं, दोनों के बीच अवैध संबंध बने।

मां-बाप को लगी अवैध रिश्ते की भनक
पकड़ में आने पर संगीता ने अपने मां-बाप के कत्ल की कहानी बताई। संगीता ने कहा कि उसके मामा परवेंद्र से करीब दो साल से अवैध संबंध थे। 8 अक्तूबर 2018 को रमेश की पत्नी ऊषा दोहरे ने अपने भाई परवेंद्र को उसके साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद पिता और मां ने मामा को घर से निकाल दिया था। जिसके बाद मां-बाप दोनों को ठिकाने लगा दिया और घर से सीधे रोडवेज बस से कानपुर पहुंची। फिर मामा के साथ ही मुंबई ट्रेन से रवाना हो गई।

मुंबई में रातें गुजारकर हुबली चली गई
12 अक्तूबर को मुंबई में एक रिक्शा चालक शमसाद को एक हजार रुपये देकर उसके घर पर ठहरे। यहां महंगाई देखकर दोनों हावड़ा ट्रेन से 15 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के हुगली जनपद पहुंचे। जहां वे आरबीएस रोड अंगुश थाना भदरेश्वर के पते पर रहने लगे। परवेंद्र दिन में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के साथ मजदूरी करता था। 300 रुपये में एक दिन की मजदूरी से उसने मोबाइल खरीदा। इसके बाद वहां अपने आधार कार्ड से एक सिम भी खरीदा।

फिर, दोनों ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे
पुलिस ने आधार कार्ड से लिंक हुई परवेंद्र की सिम की लोकेशन तलाशी तो पता चला कि मामा-भांजी दोनों बंगाल में रह रहे हैं। फिर क्या था, इसी आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार, पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।












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