Noida: फर्जी शॉपिंग वेबसाइट बनाकर करोड़ों की ठगी, अबतक बनाया हजारों लोगों को अपना शिकार
बड़ी बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग साइट और भारी छूट का लालच देकर अब तक यह गिरोह हजारों लोगों को चूना लगा चुका है। इनका अपराध क्षेत्र नोएडा दिल्ली एनसीआर सहित सम्पूर्ण भारत है। वहीं इनका ठगी करने का तरीका भी अनोखा है।

यूपी की नोएडा पुलिस ने फर्जी वेबसाईट बनाकर आम लोगों से करोड़ो की धोखाधडी करने वाले अन्तर्राज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। बताया जा रहा है कि पकडे गए इस गैंग के 6 सदस्य डी मार्ट, बिग बास्केट, बिग बाजार आदि नाम से फर्जी वेबसाईट बनाकर सस्ती दरों पर सामान दिलाने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। साईबर हैल्पलाइन मुख्यालय गौतमबुद्धनगर व बिसरख पुलिस ने पकडे गए ठगों के पास से तीन लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन ,दो डेबिट कार्ड ,11700 नगद और एक हुंडई आई 10 गाड़ी भी बरामद की है।

D-mart, Big basket, Big Bazar की फर्जी वेबसाईट
दरअसल, सेक्टर नोएडा के एडिशनल डीसीपी राजीव दीक्षित ने बताया कि साईबर हैल्पलाइन मुख्यालय पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के द्वारा D-mart, Big basket, Big Bazar आदि फर्जी वेबसाईट बनाकर सस्ती दरों पर सामान दिलाने के नाम पर धोखाधडी कर करोडो रुपयों की ठगी करने वाले अन्तर्राज्यीय गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस गैंग द्वारा विभिन्न शापिंग साईट जैसे D-mart, Big basket, Big Bazar की फर्जी वेबसाईट बनाकर लोगो को सस्ती दरों पर समान देने का झांसा देकर क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड की गोपनीय जानकारी लेकर बैंक खातो से पैसा ट्रांसफर कर लिया जाता है।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 6 व्यक्तियों को 3 लैपटॉप, 4 फ़ोन, 2 डेबिट कार्ड, 11700 रूपये व एक आई 10 गाडी समेत गौर सिटी सेन्टर के सामने सर्विस रोड से गिरफ्तार किया गया। ये लोग अपने साथियों के साथ मिलकर करोडो रुपये की ठगी कर चुके है। इनका अपराध क्षेत्र नोएडा दिल्ली एनसीआर सहित सम्पूर्ण भारत है। पुलिस ने इस दौरान विनीत ,तरुण सोलंकी, गौरव तालान, सलमान, संतोष मौर्य और आशुतोष को गिरफ्तार किया है।
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इस तरह करते थे कार्य
यह ठग बड़ी-बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के नाम से फिशिंग वेबसाईट तैयार कर ऐपीके फाईल बनातें है। एवं फर्जी फेसबुक खाते बनाकर फेसबुक ऐड के माध्यम से कैम्पैन चलाते हैं। जिसमें वेबसाईट का लिंक होता है, जिस पर ग्राहक सस्ती दरों पर सामान खरीदने के लिए अपना आर्डर कन्फर्म करते है।जिसमें ग्राहक का नाम पता, मोबाईल नंबर, पेमेंट डिटेल जैसे क्रेडिट / डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, एक्सपायरी डिटेल मेल एवं सी पेनल के माध्यम हासिल कर लेते हैं। इसके बाद ये ठग अपने शिकार को छूट एवं आर्डर कन्फर्म करने के नाम पर एक ऐपीके फाईल भेजते है। जिसमें मेसेज फारवर्डर होता है। इसके द्वारा ग्राहक के माबाईल पर आने वाले सभी एस.एम.एस इन लोगों को प्राप्त हो जाते है। जिससे ग्राहकों/उपभोक्ताओं के डेबिट कार्ड/ क्रेडिट कार्ड से फोनपे/ पेटीएम/ क्रेड आदि पेमेंट गेटवे के माध्यम से पैसा फर्जी बैंक खातो में ट्रांसफर कर निकाल लेते है। आपको बता दें कि यह लोग काफी लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे और हजारों लोगों के साथ करोड़ो रुपए की ठगी की घटना को अंजाम दे चुके हैं।












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