S jaishankar Love Story: विदेश मंत्री एस जयशंकर की पत्नी जापान की क्योको सोमेकावा कौन हैं?
S jaishankar wife: भारत के विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर इन दिनों अपने पिता वाले बयान को लेकर चर्चा में हैं। डॉ. एस जयशंकर ने पहली पत्नी की मौत के बाद जापान की क्योको सोमेकावा से दूसरी शादी की थी।

Kyoko Jaishankar Love Story: 'साल 1980 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मेरे पिता डॉ. के सुब्रमण्यम को रक्षा उत्पादन सचिव पद से हटा दिया था। राजीव गांधी के प्रधानमंत्री काल में भी मेरे पिता की अनदेखी करते हुए किसी जूनियर को कैबिनेट सचिव बना दिया गया था' अपने पिता के लिए यह पीड़ा है भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की है, जो इन्होंने हाल ही एक इंटरव्यू में बयां की है।

एस जयशंकर के दादा, पिता व भाई भी ब्यूरोक्रेसी में रहे
भारत की विदेश नीति को लेकर खास अंदाज के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले एस जयशंकर अपने परिवार व निजी जिंदगी के बारे में सार्वजनिक मंचों पर बहुत कम बोलते हैं। ये अफसरों वाले परिवार से हैं। इनके दादा, पिता व भाई भी ब्यूरोक्रेसी में रहे हैं। एस जयशंकर ने दो शादियां की हैं। दोनों ही लव मैरिज। पहली भारत की शोभा से दूसरी जापान की क्योको सोमेकावा से।

दिल्ली की तमिल फैमिली में जन्मे एस जयशंकर
- जन्म- 9 जनवरी 1955 नई दिल्ली
- शिक्षा- पीएचडी, राजनीति विज्ञान में एमए, इंटरनेशनल संबंधों में एम फिल
- पत्नी- पहली पत्नी शोभा (कैंसर से निधन), दूसरी पत्नी क्योको सोमकावा
- बच्चे- बेटे ध्रुव व अर्जुन, बेटी मेधा
- सर्विस-1977 बैच के आईएफएफ अफसर
- पोस्टिंग- चीन व अमेरिका में भारतीय राजदूत रहे

छह भाषाओं के जानकार हैं एस जयशंकर
भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी से विदेश मंत्री तक का सफर तय करने वाले एस जयशंकर छह भाषाओं के जानकार हैं। हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, रूसी, जापानी और हंगेरियन भाषा पर इनकी जबरदस्त पकड़ है। महज 24 साल की उम्र में आईएफएस अधिकारी बन गए थे। साल 2015 में इनको विदेश सचिव नियुक्त किया गया था।

चार दशक तक आईएफएस रहे एस जयशंकर
भारतीय विदेश नीति, दूसरे देशों से भारत के संबंधों को लेकर एस जयशंकर के पास करीब चार दशक का अनुभव है। अमेरिका व चीन जैसे देशों में भारतीय राजदूत के रूप में भी सेवाएं दीं। भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साल 2009 से 2013 तक चीन में सबसे लंबे समय तक भारतीय राजदूत रहने का रिकॉर्ड भी एस जयशंकर के नाम है।

एस जयशंकर वो विदेश सचिव जो बने विदेश मंत्री
साल 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने तत्कालीन विदेश सचिव सुजाता सिंह को रिटायरमेंट से कुछ दिने पहले हटाकर उनकी जगह एस जयशंकर को विदेश सचिव बनाया गया। मई 2019 में विदेश मंत्री बने। जुलाई 2019 से राज्यसभा में गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं। यूपीए सरकार में भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मोदी सरकार में भारत-चीन के बीच डोकलाम संकट इन्होंने ने ही खत्म करवाया।

एस जयशंकर के चर्चित बयान
- अमेरिका ने पाकिस्तान को एफ 16 लड़ाकू विमान दिए। तब अमेरिका ने कहा कि ये आतंकवाद से लड़ने के लिए है। इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 'यह बात सब जानते हैं कि ये कब, कहां और किसके साथ इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे किसी को बेवकूफ नहीं बना सकते'
- रूस-यूक्रेन जंग के बाद जब यूरोप ने भारत को रूस पर प्रतिबंध लगा दिए और भारत को रूस से ऑइल नहीं खरीदने की सलाह दी तो एस जयशंकर ने जवाब दिया कि 'यूरोप को अपनी इस मानसिकता से निकलना होगा। यूरोप की समस्याएं विश्व की समस्याएं हैं, लेकिन विश्व की समस्याएं यूरोप की समस्याएं नहीं।

एस जयशंकर की लव स्टोरी
डॉ. एस जयशंकर की पढ़ाई दिल्ली से हुई। JNU में पढ़ाई के दौरान इनकी मुलाकात शोभा से हुई थी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और इन्होंने शादी कर ली। कैंसर की वजह से पहली पत्नी शोभा का निधन हो गया।
उधर, साल 1996 में बतौर आईएफएस अधिकारी एस जयशंकर को जापान में पोस्टिंग मिली। जापान में इनकी मुलाकात क्योको सोमेकावा से हुई। दोनों पहले अच्छे दोस्त बने थे। फिर शादी कर ली। खास बात यह है कि एस जयशंकर व उनकी पत्नी क्योको सोमेकावा का जन्मदिन एक ही दिन 9 जनवरी को आता है।
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