Premsukh Delu : 'बुलडोजर IPS' अफसर के ट्रांसफर पर रोने लगे लोग, टैगलाइन-'डेलू ने बोला तो फाइनल है'
नई दिल्ली, 9 अप्रैल। गुजरात के अहमदाबाद में डीसीपी जोन-7 का जुहापुरा इलाका बदमाशों के लिए कुख्यात है। कभी यहां सुल्तान खान, कालू गर्दन, नजीर बोहरा और अजहर किटली जैसी गैंग के गुंडों का खौफ था। इस इलाके में आने से गुजरात पुलिस भी कतराती थी। जबकि अब जुहापुरा के गुंडे पुलिस से थर-थर कांपते हैं। इसका सारा श्रेय जाता है 'बुलडोजर' आईपीएस अधिकारी प्रेमसुख डेलू को।

आईपीएस प्रेमसुख डेलू एसपी जामनगर
आज हम आईपीएस प्रेमसुख डेलू का जिक्र इसलिए कर रहे हैं कि अहमदाबाद में डीसीपी जोन-7 के पद से ट्रांसफर हो गया है। इन्हें गुजरात के जामनगर में एसपी लगाया गया है। 6 अप्रैल 2022 को प्रेमसुख डेलू ने जामनगर एसपी के पद ज्वाइन भी कर लिया है। इनकी रियल लाइफ सिंघम वाली छवि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जामनगर ट्रांसफर होने पर लोग रोने लगे थे।

आईपीएस प्रेमसुख डेलू 20 माह अहमदाबाद डीसीपी जोन-7 रहे
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में आईपीएस प्रेमसुख डेलू ने अपना पटवारी से आईपीएस बनने तक का पूरा सफर बयां किया और गुजरात कैडर के आईपीएस के रूप में फील्ड में काम करने का अनुभव भी शेयर किया, जो काफी चुनौतीपूर्ण और दबंग स्टाइल वाला है। डेलू अगस्त 2020 से अप्रैल 2022 तक करीब 20 माह अहमदाबाद डीसीपी जोन-7 रहे।

बदले जुहापुरा के हालात
आईपीएस प्रेमसुख डेलू कहते हैं कि अहमदाबाद पोस्टिंग के बाद हाईकोर क्राइम के लिए कुख्यात जुहापुरा के हालात बदलने की डानी और सफल भी रहे। अपनी टीम के साथ बड़ी कार्रवाई की योजना बनाई। भूमाफिया के खिलाफ करीब 20 एफआईआर की।
इन चार गैंग का किया सफाया
जुहापुरा की सुल्तान खान और अजहर किटली गैंग के खिलाफ Gujarat Control of Organised Crime Act (GUJCOCA) और नजीर बोहरा व कालू गर्दन की गैंग के खिलाफ भूमाफिया कानून के तहत कार्रवाई की। दोनों गैंग में दो दर्जन से ज्यादा के खिलाफ एफआईआर की।
400 करोड़ की सम्पत्तियों पर चलाया बुलडोजर
आईपीएस प्रेमसुख डेलू को सख्त कार्रवाई करने वाले अफसर के रूप में पहचाना जाता है। इन्होंने अहमदाबाद में डीसीपी जोन 7 के पद पर रहते हुए अपराधियों की करीब 400 करोड़ की सम्पत्तियों पर बुलडोजर चलवाए। यही वजह है कि इन्हें गुजरात पुलिस का बुलडोजर अफसर भी कहा जाता है।

'डेलू ने बोला तो फाइनल है'
गुजरात पुलिस में आईपीएस प्रेमसुख डेलू को सही और सटीक फैसलों के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि गुजरात पुलिस में एक टैगलाइन भी चर्चित है कि 'डेलू ने बोला तो फाइनल है'

'हम डेलू साहब के पास जाएंगे'
आईपीएस प्रेमसुख डेलू के बारे में दूसरी खास बात यह है कि इनकी जहां जहां पोस्टिंग रही है वहां के लोगों में इनकी छवि रियल लाइफ सिंघम अफसर की रही और लोगों में एक टैगलाइन चर्चा में रहती है कि किसी थाने-चौकी में आमजन का कोई काम नहीं होगा तो लोग बोलते हैं कि 'हम डेलू साहब के पास जाएंगे'

आईपीएस प्रेमसुख डेलू का सर्विस रिकॉर्ड
-साल 2016 में आईपीएस अफसर बने। पहली पोस्टिंग साबरकांठा जिले में बतौर एएसपी (ASP) हुई।
- अमरेली में एएसपी भी रह चुके हैं।
- अहमदाबाद में डीसीपी जोन 7 के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
- वर्तमान में पुलिस अधीक्षक जामनगर गुजरात

आईपीएस प्रेमसुख डेलू का परिवार
प्रेमसुख डेलू का जन्म राजस्थान के बीकानेर जिले के गांव रासीसर के विश्नोई परिवार में 3 अप्रेल 1988 को रामधन डेलू व गृहिणी बुगी देवी के घर हुआ। किसान पिता ऊंट गाड़ी चलाते थे। ये 4 भाई-बहनों में प्रेमसुख सबसे छोटे हैं। इनका बड़ा भाई पुलिस कांस्टेबल है।

आईपीएस प्रेमसुख डेलू की शादी
प्रेमसुख डेलू ने 25 फरवरी 2021 को नागौर तहसील के गांव सतेरण के शिक्षक दम्पति की बेटी भानूश्री से शादी की। पीएचडी करने वाली भानूश्री व आईपीएस प्रेमसुख डेलू की शादी बीकानेर स्थित श्री गणेशम रिसोर्ट में रिसोर्ट में हुई थी।

सरकारी स्कूल से हुई शुरुआती पढ़ाई
प्रेमसुख डेलू ने 10वीं तक की पढ़ाई अपने गांव रासीसर के सरकारी स्कूल से की थी। बीकानेर के राजकीय डूंगर कॉलेज से स्नातक की डिग्री ली। इतिहास में एमए किया। गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे। इन्होंने इतिहास में यूजीसी-नेट और जेआरएफ की परीक्षा भी पास की।

प्रेमसुख डेलू की प्रमुख सरकारी नौकरियां
1. साल 2010 में पटवारी। बीकानेर में दो साल पोस्टेड रहे।
2. ग्राम सेवक परीक्षा में राजस्थान में दूसरी रैंक हासिल की, मगर ग्राम सेवक ज्वाइन नहीं किया।
3. राजस्थान असिस्टेंट जेल परीक्षा में प्रेमसुख डेलू ने पूरे राजस्थान में टॉप किया। ज्वाइन नहीं किया।
4. असिस्टेंट जेलर के रूप में ज्वाइन करते उससे पहले राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद पर चयन हो गया।
5. प्रेमसुख डेलू राजस्थान पुलिस में एसआई के पद पर ज्वाइन करते उससे पहले ही स्कूल व्याख्याता के रूप में चयन हो गया।
6. एसआई और स्कूल व्याख्याता के बाद कॉलेज व्याख्याता पद पर चयन हुआ।
7. तहसीलदार के रूप में भी सरकारी नौकरी लगी।
8. सिविल सेवा परीक्षा 2015 में 170वीं रैंक। हिंदी माध्यम के साथ सफल उम्मीदवार में तृतीय स्थान पर रहे। गुजरात कैडर में आईपीएस बने।
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