PremSukh Delu IPS : संघर्ष, मेहनत और कामयाबी का दूसरा नाम है प्रेमसुख डेलू, पटवारी से बने आईपीएस
बीकानेर, 14 अक्टूबर। संघर्ष, मेहनत और कामयाबी के मामले में प्रेमसुख डेलू का नाम ही काफी है। ये वो शख्स हैं, जिसे एक बार सरकारी नौकरी लगने के बाद उसी में जिंदगी खपा देना मंजूर नहीं था। मेहनत करते रहे और पटवारी से आईपीएस तक का सफर तय करके ही माने। इस बीच महज छह साल में 12 बार सरकारी नौकरी लगे, जो हर किसी युवा के लिए मिसाल है।

गुजरात कैडर के आईपीएस हैं प्रेमसुख डेलू
गुजरात कैडर के सबसे काबिल पुलिस अफसरों में से एक प्रेमसुख डेलू हैं। दूसरे प्रयास में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2015 में 170वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बने प्रेमसुख डेलू उनके ट्विटर हैंडल के बायो के मुताबिक वर्तमान में अहमदाबाद जोन 7 के डीसीपी हैं। इससे पहले अमरेली में एएसपी व एसपी भी रह चुके हैं। प्रेमसुख डेलू यूपीएससी में हिंदी माध्यम से तीसरे स्थान पर रहे थे।

बीकानेर के रासीसर गांव में जन्मे प्रेमसुख डेलू
आईपीएस प्रेमसुख डेलू मूलरूप से राजस्थान के बीकानेर जिले नोखा तहसील के गांव रासीसर के रहने वाले हैं। यहां ऊंट गाड़ी चलाने वाले रामधन डेलू व गृहिणी बुगी देवी के घर 3 अप्रैल 1988 को प्रेमसुख डेलू का जन्म हुआ। प्रेमसुख डेलू चार भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। बड़ा भाई राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल हैं।

कौन हैं आईपीएस प्रेमसुख डेलू की पत्नी भानुश्री
गुजरात कैडर के आईपीएस बनने के बाद प्रेमसुख डेलू ने 25 फरवरी 2021 को भानूश्री से शादी की। नागौर तहसील के गांव सतेरण के शिक्षक दम्पति की बेटी भानूश्री स्नातक कर चुकी हैं। अब पीएचडी कर रही हैं। आईपीएस प्रेमसुख डेलू और भानूश्री की शादी बीकानेर स्थित श्री गणेशम रिसोर्ट में रिसोर्ट में हुई थी।

प्रेमसुख डेलू सरकारी स्कूल-कॉलेज में पढ़कर बने अफसर
प्रेमसुख डेलू ने शुरुआती पढ़ाई अपने गांव रासीसर के सरकारी स्कूल से पूरी की। इसके बाद बीकानेर के राजकीय डूंगर कॉलेज में पढ़ाई की। इतिहास में एमए व बीएड की डिग्री प्राप्त की। एमए में गोल्ड मेडलिस्ट रहे। इतिहास में यूजीसी-नेट और जेआरएफ की परीक्षा भी पास की। फिर चचेरे भाई श्याम सुंदर गोदारा के साथ बीकानेर में किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। श्याम सुंदर गोदारा आरएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में उपखंड अधिकारी हैं।

ये सरकारी नौकरी लगे प्रेमसुख डेलू
-स्नातक करने के बाद साल 2010 में पटवारी के पद पर पहली बार नौकरी लगी। पटवारी रहते हुए एमए भी किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी।

राजस्थान ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा में दूसरी रैंक
- पटवारी बनने के बाद प्रेमसुख डेलू ने राजस्थान ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा दी और दूसरी रैंक हासिल की।

राजस्थान असिस्टेंट जेलर भर्ती परीक्षा टॉपर
-पटवारी व ग्राम सेवक बनने के बाद प्रेमसुख डेलू ने राजस्थान असिस्टेंट जेलर भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया और टॉपर बने।

राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा में चयन
-जेलर के पद पर ज्वाइन करने से पहले राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आ गया। उसमें भी प्रेमसुख डेलू का चयन हो गया।
-प्रेमसुख डेलू ने राजस्थान पुलिस में एसआई के पद पर ज्वादन नहीं किया, क्योंकि उसी दौरान इनका स्कूल व्याख्याता के रूप में चयन हो गया था।

प्रेमसुख डेलू तहसीलदार भी बने
-नेट क्लियर करने के बाद प्रेमसुख डेलू कॉलेज लेक्चरर लगे।
-कॉलेज में पढ़ाने के साथ-साथ प्रेमसुख डेलू ने आरएएस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और तहसीलदार बने।
-तहसीलदार बनने के बाद भी प्रेमसुख की यात्रा थमी नहीं और इन्होंने दूसरे प्रयास में यूपीएससी 2015 में 170वीं रैंक हासिल की।












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