मंगेश घिल्डियाल IAS : स्कूल में टीचर नहीं थे तो कलेक्टर व उनकी पत्नी ने शुरू किया बच्चों को पढ़ाना

मंगेश घिल्डियाल IAS : कभी कलेक्टर रहते हुए सरकारी स्कूल के बच्चों को पढ़ाते थे, अब पीएम मोदी की टीम में

नई दिल्ली। मिलिए इनसे। ये हैं मंगेश घिल्डियाल। उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। ​उत्तराखंड के टिहरी के जिला कलेक्टर पद पर कार्यरत हैं। अब इन्हें 12 सितंबर 2020 को पीएमओ में अंडर सेक्रेटरी के पद की ​नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद भरोसेमंद आईएएस अफसरों में स्थान मिलने के मौके पर आइए जानते हैं मंगेश घिल्डियाल के जीवन के बारे में।

जब कलेक्टर व पत्नी की सबने की सराहना

जब कलेक्टर व पत्नी की सबने की सराहना

वर्ष 2011 बैच के आईएएस अधिकारी मंगेश घिल्डियाल टिहरी से पहले उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भी जिला कलेक्टर पद पर सेवाएं दे चुके हैं। तीन साल पहले रुद्रप्रयाग में रहते हुए मंगेश घिल्डियाल और उनकी पत्नी ऊषा सुयाल ने जो कदम उठाया उसकी पूरे प्रदेश में काफी चर्चा हुई। तब सरकारी स्कूल में मंगेश घिल्डियाल और ऊषा सुयाल बच्चियों को पढ़ाया करते थे।

 बच्चियों की पढ़ाई चौपट नहीं होने देंगे

बच्चियों की पढ़ाई चौपट नहीं होने देंगे

उस वक्त हुआ ये कि बतौर जिला कलेक्टर मंगेश घिल्डियाल राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग का निरीक्षण करने गए थे। तब प्रिंसिपल डॉक्टर ममता नौटियाल ने जिला कलेक्टर मंगेश घिल्डियाल को बताया कि स्कूल में विज्ञान समेत कई विषयों के शिक्षकों की कमी है। ऐसे में बच्चियों की पढ़ाई नहीं हो रही है। तब जिला कलेक्टर ने तय किया कि छात्राओं की पढ़ाई चौपट नहीं होने देंगे।

 छात्राओं को पढ़ाने के लिए पत्नी हुईं तैयार

छात्राओं को पढ़ाने के लिए पत्नी हुईं तैयार

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग का निरीक्षण करके घर आने के बाद मंगेश घिल्डियाल ने पत्नी ऊषा सुयाल से स्कूल में शिक्षकों की कमी का जिक्र किया। इस पर ऊषा सुयाल ने तय किया कि वे स्कूल में पढ़ाएंगी। पत्नी के इस फैसले पर एक बारगी तो मंगेश घिल्डियाल भी हैरान रह गए थे।

 ऊषा सुयाल के पास है डॉक्टरेट की डिग्री

ऊषा सुयाल के पास है डॉक्टरेट की डिग्री

आईएएस मंगेश घिल्डियाल की पत्नी ऊषा सुयाल भी काफी पढ़ी-लिखी हैं। ऊषा ने पंतनगर के गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी से प्लांट पैथोलॉजी से डॉक्टरेट कर रखा है। उस समय ऊषा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग में कक्षा नौवीं और दसवीं की छात्राओं को दो घंटे पढ़ाया करती थीं। समय मिलने पर खुद जिला कलेक्टर मंगेश घिल्डियाल भी पत्नी के साथ-साथ स्कूल में अक्सर पढ़ाया करते थे।

आईएएस मंगेश घिल्डियाल की जीवनी

आईएएस मंगेश घिल्डियाल की जीवनी

बता दें कि मंगेश घिल्डियाल का जन्म गढ़वाल जिले के पौड़ी के टांडिया गांव में हुआ था। आठवीं तक की पढ़ाई गांव से करने के बाद देहरादून में पढ़े। यहीं से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन व इंदौर के देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से एमटेक किया। इसी दौरान 'लेजर टेक्नीक' पर रिसर्च के लिए उन्हें साइंटिस्ट के रूप में नियुक्ति मिली।

131वीं रैंक प्राप्त कर बने आईएएस

मंगेश घिल्डियाल की साइंटिस्ट के रूप में पहली नौकरी तो लग गई, मगर ये भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते थे। ऐसे में वर्ष 2010 में बिना किसी कोचिंग के सिविल सेवा परीक्षा दी और 131वीं रैंक प्राप्त कर पहले प्रयास में आईपीएस बने। अगले साल दुबारा यूपीएससी परीक्षा देकर और चौथा स्थान प्राप्त कर आईएएस बने। पहली नियुक्ति चमौली में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में मिली।

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