दिल्ली में बिजली के दाम हुए आधे, आप की सरकार को 200 करोड़ का करंट

केजरीवाल ने सीएम पद की शपथ लेते वक्त बिजली के दाम घटाने का वादा किया था। साथ ही केजरीवाल ने महालेखा परीक्षक से बिजली कंपनियों का ऑडिट कराने का भी संकेत दिया और उन कंपनियों को बुधवार तक अपनी किसी भी आपत्ति को जमा करने की मोहलत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई दर का लाभ उन परिवारों को मिलेगा, जो हर माह 400 यूनिट तक बिजली की खपत करते हैं।
उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि उन्हें 50 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। इस कदम का लाभ दिल्ली के 34 लाख परिवारों में से 28 लाख को मिलेगा, जो गरीब और मध्य वर्गीय परिवार हैं। बिजली की नई दर एक जनवरी से लागू होंगी। केजरीवाल ने बिजली कंपनियों का लेखापरीक्षण करवाने के लिए देश के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक शशि कांत शर्मा से भी मुलाकात की। केजरीवाल ने कहा कि लेखापरीक्षण पर आखिरी फैसला लेने के पहले उनकी सरकार कंपनियों के जवाब का इंतजार करेगी।
बिजली के दाम घटाने से सरकार पर 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। केजरीवाल का कहना है कि इसमें से 140 करोड़ रुपये का भुगतान बिजली कंपनियां अपने ऊपर बकाए की एवज में करेंगी।
हम आपको बता दें कि बिजली, पानी समेत कई मूलभूत समस्याओं का समाधान निकालने के लिये केजरीवाल आईआईटी, आईआईएम समेत कई बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों से सलाह मशविरा कर रहे हैं।












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