AAP के चंदे में बंपर बढ़ोतरी, 27 करोड़ देने वालों का कोई अता-पता नहीं: रिपोर्ट
नयी दिल्ली। दिल्ली आम आदमी पार्टी की सरकार बने दो साल पूरे होने वाले हैं। तथाकथित तौर पर चंदे से चलने वाली पार्टी की अगर पिछले दो सालों यानी कि 2013-14 और 2014-15 की बात करें तो इस दौरान इन्हें कुल 44.71 करोड़ रुपये का चंदा मिला। रकम जितनी बड़ी है उस पर सवाल भी उतने ही उठ रहे हैं।

ये खुलासा हुआ है एडीआर की रिपोर्ट में। चौंकाने वाली बात ये है कि कागजों से पुख्ता रहने वाली केजरीवाल की पार्टी के चंदे 27 करोड़ चंदा देने वालों के पैन नंबर ही गायब हैं। जबकि कई के तो नाम, पते भी नहीं हैं।
चंदे में 275 फीसदी की वृद्धि
केजरीवाली की आप पार्टी को मिला चंदा पिछले साल की तुलना में 275 फीसदी अधिक है। इस बढ़ोतरी की अगर राष्ट्रीय पार्टियों को मिलने वाले चंदे से तुलना करें तो यह कुल 151 फीसदी की वृद्धि दर से बहुत ज्यादा है।
एक चौथाई चंदा विदेशों से
‘आप' को मिले चंदे में से एक चौथाई यानी 25 फीसदी विदेशों से मिला है। यह रकम 11.02 करोड़ रुपये है। वहीं, देश में उसे सबसे ज्यादा चंदा दिल्ली और महाराष्ट्र से मिला है।
दिल्ली और महाराष्ट्र से 44 प्रतिशत मिला
दिल्ली से ‘आप' को 20.42 फीसदी और महाराष्ट्र से 23.28 फीसदी चंदा मिला है। दिल्ली महाराष्ट्र से पार्टी को मिले चंदे में नाटकीय 1460 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जबकि राष्ट्रीय दलों को समान अवधि में इन दो राज्यों से मिलने वाले चंदे में 83.09 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है।
पार्टी ने इस बार 20,000 रुपये से कम देने वालों के नामों की सूचना दी है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग को बताया है कि उसने 2.68 करोड़ रुपये इस श्रेणी में दान करने वाले 3,326 लोगों से प्राप्त किए हैं। इनमें मात्र एक रुपया देने वाले लोग भी शामिल हैं।












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