Highlights: दिल्ली की द्वारका में नरेंद्र मोदी का भाषण
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को चारों खाने चित करने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी महासमर में कूद पड़े हैं, जिसकी सीरीज के अंतर्गत रविवार को द्वारका इलाके में उन्होंने एक रैली को संबोधित किया।

प्रस्तुत हैं मोदी के भाषण के मुख्य अंश-
- हमारी सरकार केंद्र में बनी, वैसे ही दिल्ली में पानी की समस्या हल हो गई। कांग्रेस ने सिर्फ हरियाणा और दिल्ली के बीच झगड़ा कराया।
- मेरे खिलाफ ऐसे दल लड़ रहे हैं, जो सरकार बनाने के लिये एक दूसरे से सौदे करते हैं, और आज उनके बीच स्पर्धा चल रही है।
- एक तरफ झूठ बोलने की स्पर्धा हो रही है और दूसरी तरफ झूठ खोजे जा रहे हैं। दिल्ली में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है।
- आपने मुझे लोकसभा चुनाव में 7 सीटें दीं, अब मेरी बारी है आपके कर्ज को चुकाने की।
- टीवी में जगह बनाने के लिये सरकार नहीं चलतीं, सरकारें चलती हैं जनता के दिलों में जगह बनाने के लिये।
- कुछ लोग हैं, जिन्हें धरना प्रदर्शन से छुट्टी नहीं मिलती, वो सरकार क्या चलायेंगे?
- पेट्रोल के दाम कम हुए, डीजल के दाम कम हुए, आपकी जेब में पैसा बच रहा है या नहीं?
- हमारे विरोधी कहते हैं, कि ये मोदी नसीब वाला है, इसलिये हुआ है। अब आप बताइये कि नसीब वाला चाहिये या कम नसीब वाला चाहिये।
- अगर मोदी का नसीब देश की जनता के लिये काम आता है तो इससे अच्छी क्या बात हो सकती है।
- विरोधी इस बात से परेशान हैं, कि मोदी नसीब वाला है। अरे यह नसीब मेरा नहीं सवा सौ करोड़ लोगों का है।
- हर बार झूठ के सहारे, नई-नई बातें बताते रहना, देश को गुमराह करने का प्रयास है।
- मोदी को तो विदेश नीति की एबीसीडी भी नहीं मालूम, ऐसा लोग कहते थे। जिसे देश नीतियां मालूम हो उसके लिये विदेश नीति कठिन नहीं होती।
- आप विदेशनीति में विफल हुए, क्योंकि आपकी देश की नीति गलत थी।
- हम जब दुनिया में जाते हैं तो मोदी के रूप में नहीं मिलते, हम यह सोच कर जाते हैं कि मेरे पीछे सवा सौ करोड़ की ताकत खड़ी है।
- गरीबी क्यों नहीं कम हो रही? क्योंकि तमाम नेता गरीब को गरीब ही बनाये रखना चाहते हैं, ताकि उनकी राजनीति चमकती रहे।
- अनऑथराइज्ड कालोनी को ऑथराइज्ड करने के साथ-साथ हम उन कालोनियों में सुविधाएं भी पहुंचायेंगे।
- 2022 में जब भारत की आजादी के 75 साल होंगे, तब तक हम उन सपनों को पूरा करना चाहते हैं, जो आजादी के सिपाहियों ने देखे थे।
- 2022 तक मैं देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को खुद का घर देना चाहता हूं।












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