दलित-मुस्लिम इलाकों में ओवैसी-चंद्रशेखर की पार्टी उतारेगी उम्मीदवार, DM फैक्टर बिगाड़ सकता है केजरीवाल का खेल

दिल्ली एमसीडी चुनाव का बिगुल बज चुका है। चार दिसंबर को वोटिंग होगी। इसके लिए तमाम पार्टियां जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुट गई हैं। बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के अलावा छोटे दल भी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं।

दिल्ली एमसीडी चुनाव का बिगुल बज चुका है। चार दिसंबर को वोटिंग होगी। इसके लिए तमाम पार्टियां जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुट गई हैं। बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के अलावा छोटे दल भी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और चंद्रशेखर आजाद रावण की आजाद समाज पार्टी (एएसपी) ने शुक्रवार को घोषणा की कि उन्होंने आगामी दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का चुनाव एक साथ लड़ने के लिए गठबंधन किया है।

दलित-मुस्लिम इलाकों में ओवैसी-चंद्रशेखर का पार्टी उतारेगी उम्मीदवार, DM फैक्टर बिगाड़ सकता है केजरीवाल का खेल

खास बात ये है कि दोनों पार्टियां दिल्ली के अल्पसंख्यक और दलित बहुल इलाकों के 100 वार्डों में उम्मीदवार उतारेंगी। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) 100 में से 68 वार्डों में चुनाव लड़ेगी, जबकि एएसपी 32 वार्डों में चुनाव लड़ेगी। मुस्लिम और दलित इलाकों में असदुद्दीन ओवैसी और रावण की पार्टी के उम्मीदवार उतरने से आम आदमी पार्टी को नुकसान हो सकता है।

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    Gujarat Election 2022 | Congress Manifesto | Asaduddin Owaisi | AIMIM | वनइंडिया हिंदी *Politics

    बंट सकता है दलित-मुस्लिम वोट

    आम आदमी पार्टी दिल्ली से कांग्रेस का सफाया कर मुस्लिम वोटों को अपनी तरफ खींच लिया है। अगर अल्पसंख्यक और दलित पार्टी के उम्मीदवार आने से मुस्लिम-दलित वोट बंट सकते हैं, इससे सीएम केजरीवाल को नुकसान हो सकता है। क्योंकि ये दोनों पार्टियां मुस्लिम-दलित बाहुल इलाकों में उम्मीदवार उतार रही है। मुस्लिम वोट पर ज्यादातर आम आदमी पार्टी का कब्जा है।

    मुसलमानों की संख्या 15 और दलितों की 16 फीसदी

    उधर, एमसीडी चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन और फार्मूले की घोषणा करते हुए एआईएमआईएम की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष कलीमुल हफीज ने कहा कि दोनों पार्टियों द्वारा एमसीडी चुनाव एक साथ लड़ने के फैसले को उनके प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और चंद्र शेखर आजाद ने मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा कि भाजपा और आप दोनों ने उन इलाकों की पूरी तरह से उपेक्षा की है जहां दिल्ली में मुस्लिम और दलित रहते हैं। दिल्ली की कुल आबादी में मुसलमानों की संख्या 15 फीसदी और दलितों की संख्या 16 फीसदी है।

    इन इलाकों में उतरेगा उम्मीदवार

    एएसपी के दिल्ली प्रभारी भीकू राम जैन ने कहा कि अगर मुस्लिम और दलित एक साथ आ गए तो कोई भी राजनीतिक दल उनकी उपेक्षा नहीं करेगा। जैन ने कहा कि मोर्चा पूरी ताकत से एमसीडी का चुनाव लड़ेगा और लोगों को धोखा देने वाली भाजपा और आप को सबक सिखाएगा। एआईएमआईएम का इरादा ओखला, मटिया महल, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, बल्लीमारान, बाबरपुर, सदर बाजार और ऐसे ही अन्य निर्वाचन क्षेत्रों जैसे बड़े मुस्लिम क्षेत्रों वाले वार्डों पर अपने उम्मीदवार उतारने का है।

    दिल्ली में मंगोलपुरी, सुल्तानपुर माजरा, करोल बाग, पटेल नगर, मादीपुर, देवली, अंबेडकर नगर सहित 12 आरक्षित विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां एएसपी के अपने उम्मीदवार उतारने की संभावना है। दिल्ली के 250 वार्डों के लिए 4 दिसंबर को वोटिंग होगी। वोटों की गिनती 7 दिसंबर को होगी। 250 वार्डों में से 42 एससी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं।

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