कोरोना को मात देने के लिए एक और हथियार, मोल्नुपिराविर से होगा कोविड का काम तमाम
कोविड-19 के लिए एंटीवायरल गोली का भी इजाद हो चुका है। ब्रिटेन ने कोविड-19 के सफल उपचार में मददगार मानी जा रही विश्व की पहली एंटीवायरल गोली के सशर्त उपयोग को मंजूरी दी है।
नई दिल्ली, 4 नवम्बर 2021: कोरोना काल के दौरान हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, वहीं पूरे देश में बड़े स्तर पर मुफ़्त टीकाकरण अभियान भी चलाया गया। वही अब एक और खुशखबरी है कि कोविड-19 के लिए एंटीवायरल गोली का भी इजाद हो चुका है। ब्रिटेन ने कोविड-19 के सफल उपचार में मददगार मानी जा रही विश्व की पहली एंटीवायरल गोली के सशर्त उपयोग को मंजूरी दी है। ब्रिटेन इस गोली को उपचार के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त मानने वाला दुनिया पहला देश है। 18 साल और इससे ज़्यादा उम्र के कोरोना संक्रमित लोग इस गोली के उपयोग कर सकते हैं। इस दवा का नाम 'मोल्नुपिराविर' है। वैसे लोग जिन्हें कोविड के हल्के-फुल्के लक्षण हैं वह इस गोली को दिन में दो बार ले सकते हैं। हालांकि गोली मार्केट में कब तक आएगी यह बात अभी साफ़ नहीं हो पाई है। इस दवा को औषधि निर्माता कंपनी 'मर्क' ने विकसित किया है।

एंटीवायरल का सेवन
ग़ौरतलब है कि यह एंटीवायरल गोली के सेवन से कोरोना के लक्षण कम हो जाते हैं और जो रोगी इस दवाई का सेवन सही तरीक़े से करते हैं उन्हें स्वस्थ में सुधार जल्द होने लग जाता है। यह एंटीवायरल मरीज़ों को कम पैसे में उपचार के साथ ही आर्थिक बोझ कम करने में मददगार साबित हो सकती है। इस गोली से महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए जरूरी दो तरीकों औषधि और रोकथाम में मददगार होगी। अमेरिका, यूरोप समेत कुछ अन्य देश इस दवाई की टेसटिंग कर रहे हैं। पिछले महीने अमेरिका के खाद्य और औषधि प्रशासन ने इस गोली की सुरक्षा और असर के बारे में पता करने के लिए नवंबर के आखिर में एक पैनल की बैठक बुलाने की बात कही थी।

4 लाख 80 हज़ार ‘मोल्नुपिराविर' की खुराक
ब्रिटिश अधिकारियों ने अक्टूबर में घोषणा की थी कि 4 लाख 80 हज़ार 'मोल्नुपिराविर' की खुराक हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सर्दियों में हजारो लोगों के इलाज करवाया जा सकेगा। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावीद ने कहा कि ब्रिटेन दुनिया का पहला देश है जिसने कोविड के उपचार के लिए लिया ऐसे एंटीवायरस को मंजूरी दी है, जिसे घर पर इस्तेमाल किया जा सकता है, यह हमारे देश के लिए ऐतिहासिक दिन है। इस गोली से काफ़ी लोगों को मदद मिलेगी। कोरोना काल के दौरान काफ़ी लोगों ने टीकाकरण अफवाह की वजह से भी नहीं करवाया। अब कोरोना के लक्षण दिखने पर जिससे स्थिती गंभीर हो सकती है वैसे लोग इस गोली का सेवन कर सकते हैं।

कोरोना ने तोड़ी कमर
आपको बता दें कि कोरोना वायरस का सबसे ज़्यादा असर एविएशन, हॉस्पिटैलिटी, शिक्षा, खेलकूद, राष्ट्रीय सम्मेलन, विभिन्न प्रकार के व्यवसाय आदि सहित कई सारे दूसरे क्षेत्र काफ़ी प्रभावित हुए। लोगों के कारोबार भी चौपट हो गए। जिन होटल और रेस्टोरेंट्स में जनता पहले खूब जाती थी, आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। कोरोना महामारी ने अर्थव्यवस्था की तो कमर ही तोड़ दी है, जिसका सबसे ज़्यादा असर मध्यम वर्ग पर पड़ा है। सीएमआई यानी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी के मुताबिक लगभग 13 करोड़ लोग बेरोज़गार हुए हैं। इनमें से 40 फीसदी यानी 5.25 करोड़ लोग ब्लू कॉलर जॉब वाले थे। ऐसे लोग जो ऑफिस में काम करते थे।
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