पेट्रोल, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती से सरकार का बढ़ेगा बोझ, हज़ारों करोड़ रुपये का होगा घाटा

हिंदुस्तान की जनता मंहगाई की मार से परेशान है, आए दिन आम जीवन में उपयोग किए जाने वाले सामानों के रेट आसमान छू रहे हैं।

नई दिल्ली, 4 नवम्बर 2021। हिंदुस्तान की जनता मंहगाई की मार से परेशान है, आए दिन आम जीवन में उपयोग किए जाने वाले सामानों के रेट आसमान छू रहे हैं। इसी कड़ी में केन्द की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आम आदमी पार्टी को पेट्रोल और डीज़ल के रेट में कटौती कर के थोड़ी राहत पहुंचाई है। लेकिन डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद की कीमत में कटौती से राजकोष पर 45 हज़ार करोड़ रुपये का असर पड़ेगा। इससे केंद्र का राजकोषीय घाटा 0.3 फीसदी बढ़ जाएगा। एक विदेशी ब्रोकरेज कंपनी की गुरुवार को जारी की गई रिपोर्ट के में इस बात का ज़िक्र किया गया है।

सरकारी ख़जाने पर पड़ेगा असर

सरकारी ख़जाने पर पड़ेगा असर

जापानी ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के अर्थशास्त्रियों ने एक रिपोर्ट में कहा कि कुल खपत के हिसाब से केन्द्र सरकार के इस फैसले से पूरे वित्त वर्ष के लिए सरकार के ख़ज़ाने पर 1 लाख करोड़ रुपये का असर पड़ेगा। जो सकल घरेलू उत्पाद का 0.45 फीसदी के बराबर होगा। वहीं चालू वित्त वर्ष के बाकी महीनों के लिए राजकोष पर 45 हज़ार करोड़ रुपये का असर पड़ेगा जिसकी वजह से सरकारी खज़ाने में नुकसानबढ़ जाएगा। ब्रोकरेज के मुताबिक राजकोषीय घाटा 6.5 फीसदी पर आ जाएगा। इससे पहले का 6.2 फीसदी के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा था।

एक्साइज ड्यूटी में सबसे बड़ी कटौती

एक्साइज ड्यूटी में सबसे बड़ी कटौती

केंद्र सरकार की भाजपा सरकार ने दीवाली की पूर्व संध्या पर पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की थी। आपको बता दें कि वैट की दरें अलग-अलग राज्यों में अलग होती हैं स वजह से तेल की दरों में भी फ़र्क होता है। ग़ौरतलब है कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती अब तक की सबसे बड़ी कटौती मानी जा रही है। इसके साथ ही मार्च 2020 और मई 2020 के बीच पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में 13 रुपये और 16 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का एक हिस्सा वापस ले लिया गया है। उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी से पेट्रोल पर केंद्रीय कर 32.9 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 31.8 रुपये प्रति लीटर हो गया था। केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी को कम करते हुए उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राज्यों से पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने की भी अपील की है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, उत्तराखंड, त्रिपुरा और बिहार में वैट घटाया गया है।

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    पेट्रोल-डीज़ल की विभिन्न राज्यों में कीमत

    पेट्रोल-डीज़ल की विभिन्न राज्यों में कीमत

    दिल्ली में गुरुवार को पेट्रोल की कीमत में 6.07 रुपये और डीजल के दाम में 11.75 रुपये प्रति लीटर की कमी आई। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी दोनों ईंधन पर वैट की दर कम की थी, जिसकी वजह से यूपी में ये 12 रुपये प्रति लीटर सस्ते हो गए। हरियाणा सरकार ने भी गुरुवार को तेल पर वैट घटाने की घोषणा की जिससे दिवाली पर राज्य में पेट्रोल और डीजल 12 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया। गुजरात सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट में 7-7 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। इस फैसले से अहमदाबाद में पेट्रोल की कीमत अब 95.13 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 89.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं सूरत में दोनों ईंधन की कीमत 94.89 रुपये और 88.89 रुपये हो गई है।


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