खुलासा: मरीज नहीं डेड बॉडी AIIMS रेफर करते हैं प्राइवेट हॉस्पिटल!
नयी दिल्ली। देश-विदेश के लोग अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) इस उम्मीद से पहुंचते है कि यहां आकर वो ठीक हो जाएंगे, उनकी बीमारी छू-मंतर हो जाएगी। प्राइवेट अस्पताल भी एम्स के सामने घुटने टेक देते हैं। जब मामला उनके हाथों से निकलने लगता है तो वो मरीजों को एम्स रेफर कर देते है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जहां मरीज नहीं बल्कि डेड बॉर्डी रेफर किए जाते हैं।

जी हां ये हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि एम्स ने खुद इस बात का खुलासा किया है। ताजा खुलासे के मुताबिक निजी अस्पताल 'मुर्दा' मरीजों को एम्स रेफर कर देते है ताकि उन्हें मरीज के मौत का आरोप न झेलना पड़े। इतना ही नहीं ये प्राइवेट अस्पताल अपना नाम खराब होने से बचाने के लिए मरीजों को बहुत ही गंभीर हालत में एम्स रेफर करते है। ऐसे में या तो वह रस्ते में ही दम तोड़ देता है या फिर केजुअल्टी सेक्शन में पहुंचते ही सांस लेना बंद कर देता है। एम्स में रेफर होने वाले केसों के एक साल तक चले विश्लेषण के बाद यह खुलासा हुआ है।
इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब नोएडा के एक प्राइवेट हॉस्पिटल से तीन ऐसे मरीज भेजे गए जिनकी पहले से ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद एम्स ऐसे मामलों पर एक रिपोर्ट बना रहा है। जिस अस्पताल से पेशंट भेजे जा रहे हैं, वहां के सीएमओ और मेडिकल सुप्रीटेंडेंट के अलावा डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है। एम्स के निदेशक डॉ एमसी मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि जब इस बात पर ध्यान देना शुरू किया गया तो जानकारी मिली कि ज्यादातर निजी अस्पताल और कुछ सरकारी अस्पताल इस तरह के अनाचार में लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि इसके बारे में हमारे पास सबूत नहीं है लेकिन ऐसे परिवार जो मरीज का खर्चा नहीं उठा सकते उन्हें एम्स रेफर कर दिया जाता है। एम्स ने इस खुलासे के बाद मामले के तह तक पहुंचने की तैयारी कर ली है। एम्स ने स्वास्थ्य सेवा निदेशालय को इस संबंध में एक पत्र लिखा है और कार्रवाई की मांग की है।












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