देश का पहला मामला : सगे भाई-बहनों की 3 जोड़ियों ने एक साथ पास की UPSC परीक्षा, बन गए IAS-IPS
नई दिल्ली, 27 सितम्बर। संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2020 का अंतिम परिणाम जारी होने के बाद से ही राजस्थान कैडर व साल 2015 की टॉपर आईएएस अधिकारी टीना डाबी की छोटी बहन रिया डाबी सुर्खियों में है। रिया डाबी ने 15वीं रैंक हासिल की है।

यूपी व राजस्थान के सगे भाई-बहन बने IAS व IPS
टीना डाबी और रिया डाबी के आईएएस बनने में पांच साल का फासला रहा है जबकि हम आपको मिलवाते हैं उत्तर प्रदेश की दो सगी बहनों और राजस्थान के दो सगे भाइयों व दो सगी बहनों से जिन्होंने एक साथ यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर डाली। एक साथ आईएएस-आईपीएस अधिकरी बन गए।

नीरज कुमार की दो बेटियों की सक्सेस स्टोरी
सबसे पहले बात करते हैं कि उत्तर प्रदेश के नीरज कुमार की दो बेटियों की। दोनों ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2020 ( UPSC CSE 2020 Result ) में एक सफलता हासिल की है। आगरा की सिमरन ने यूपीएससी 2020 में 474वीं रैंक हासिल की है जबकि इसी साल इनकी छोटी बहन सृष्टि को 373वीं रैंक मिली है।

देश का पहला मामला होने पर गर्व-नीरज कुमार
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में नीरज कुमार ने बताया कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में संभवतया यह देश का पहला मामला है कि दो सगी बहनों ने एक साथ परीक्षा पास की है। यह गौरव मेरी बेटियों को हासिल होने पर गर्व हो रहा है। सुना है कि सइससे पहले साल 2018 व 2019 में भी सगे भाई बहनों के एक साथ चयन के मामले सामने आ चुके हैं। सिमरन व सृष्टि के एक छोटा भाई अभिनव है, जो खेलों में कॅरियर बनाना चाहता है। मां सुमन देवी हाउसवाइफ हैं।

सिमरन और सृष्टि ने दिल्ली में रहकर की तैयारी
बता दें कि नीरज कुमार का परिवार मूलरूप से आगरा जिले की फतेहाबाद तहसील के गांव कोलारा कलां का रहने वाला है। परिवार लम्बे समय से दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 15 में रह रहा है। सिमरन और सृष्टि दिल्ली के करोलबाग की कोचिंग से तैयारी की। सृष्टि ने पहले प्रयास में तो सिमरन को दूसरे प्रयास में सफलता मिली है।

कुमावत भाइयों की कामयाबी
अब मिलिए राजस्थान के झुंझुनूं शहर के कुमावत भाइयों से। हम बात कर रहे हैं अमित कुमावत व पंकज कुमावत की। दोनों वर्तमान में बतौर आईपीएस सेवाएं दे रहे हैं। यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2019 में अमित कुमावत ने 423वीं और पंकज कुमावत ने 424वीं रैंक हासिल की।

झुंझुनूं के दर्जी के बेटे एक साथ बने पुलिस अफसर
राजस्थान के इन सगे भाइयों के एक साथ यूपीएससी परीक्षा पास करके आईपीएस बनने की कहानी भी प्रेरित करने वाली है। ये झुंझुनूं में दर्जी के बेटे हैं। पिता व मां ने सिलाई करके इन्हें पढ़ाया। अमित व पंकज ने साल 2018 में यूपीएससी की परीक्षा दी थी तब पंकज कुमावत तो 443वीं पाकर आईपीएस बन गए जबकि अमित कुमावत को 600वीं रैंक मिली तो उन्हें इंडियन रेलवे यातायात सर्विस सेवा मिली।

पंकज को महाराष्ट्र व अमित को यूपी कैडर
अमित कुमावत और पंकज कुमावत ने साल 2018 में यूपीएससी परीक्षा पास करने के बावजूद तैयारी जारी रखी और रैंक में सुधार के लिए साल 2019 में फिर भाग्य आजमाया और इस बार भी दोनों ने ही एक साथ यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर डाली। इत्तेफाक तो देखिए कि इन्हें 423वीं व 424वीं रैंक मिली और दोनों ही आईपीएस बनने में सफल हो गए। पंकज कुमावत को महाराष्ट्र कैडर और अमित कुमावत को यूपी कैडर मिला।

इसी साल हुई पंकज कुमावत की शादी
बता दें कि महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी पंकज कुमावत का जन्म झुंझुनूं शहर में 22 दिसम्बर 1992 को हुआ। शुरुआती शिक्षा भी झुंझुनूं से ही पूरी की। इसी साल जुलाई में जोधपुर निवासी एलएलएम डिग्रीधारक लांची प्रजापत के साथ आईपीएस पंकज कुमावत की शादी हुई है।

अनामिका मीणा व अंजलि मीणा दौसा राजस्थान
अंत में मिलिए राजस्थान के दौसा जिले के सिकराय उपखंड गांव खेड़ी रामला के मीणा परिवार की दो बेटियां अंजलि मीणा व अनामिका मीणा से। ये दोनों भी सगी बहनें हैं और देश में एक साथ यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाली बहनों की जोड़ियों में से एक हैं।

पिता तमिलनाडु कैडर में आईएएस अधिकारी
बता दें कि अनामिका मीणा व अंजलि मीणा तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी रमेश चंद्र मीणा की बेटी हैं। यूपीएससी 2019 की सिविल सेवा परीक्षा में अनामिका ने 116वीं व अंजलि ने 494वीं रैंक हासिल की। ये बचपन से ही अपने पिता के साथ चेन्नई में रहती थीं। एक साथ यूपीएससी परीक्षा क्रैक के बाद पहली बार गांव आई तो इनका जोरदार स्वागत किया गया।












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