Narsinghpur news: ढाबे में फ्री में खाना खाने वाले पुलिस कर्मियों को जेल, दर्ज किया था झूठा मुकदमा
एमपी के नरसिंहपुर जिले के एक ढाबा में मुफ्त में खाना खाकर हुड़दंग मचाना वाले तीन पुलिस कर्मियों को महंगा साबित हुआ हैं। ढाबा संचालक की पुलिस मुख्यालय तक शिकायत फिर कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिस पर कोर्ट ने आरोपी पुलिस कर्मियों को दोषी करार दिया हैं। तीनों पुलिस कर्मियों को 3 महीने की जेल और एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अपराधियों को सजा दिलाने वाली पुलिस महकमे के कर्मचारी कभी-कभी कुछ ऐसा कर बैठते है, कि वह खुद गुनाहगार बन जाते है। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जीएल गाडरवारा तहसील में ऐसा ही मामला सामने आया है। डमरूघाटी के पास धनंजय दुबे का ढाबा है। 2009 में इस ढाबा में कुछ पुलिसकर्मी अक्सर मुफ्त में खाना खाने आते थे। बेवजह कर्मचारियों से गाली-गलौच और मारपीट भी करते थे। ढाबा संचालक कपिल दुबे ने इसकी शिकायत भोपाल पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्री से की थी। जिसके बाद ढाबा में मुफ्त में खाना खाते वक्त हुड़दंग मचाने वाले तत्कालीन टीआई आरडी मिश्रा, सिपाही मुरारी जाटव, एएसआई एसवाय खान ने उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया था। ढाबा संचालक का आरोप था कि यह झूठी कार्रवाई है। जब कही सुनवाई नहीं हुई तो इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एसपी को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे। काफी वक्त गुजर जाने के बाद इस मामले में जब एक्शन नहीं लिया गया। दोबारा कोर्ट की शरण ली गई और परिवाद भी दायर किया।

अब गाडरवारा प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया हैं। कोर्ट ने तत्कालीन टीआई आरडी मिश्रा समेत अन्य आरोपी के खिलाफ 3 माह के कारावास और एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई हैं। पीड़ित कपिल दुबे का कहना है कि उसे करीब 13 साल बाद इंसाफ मिला। अदालत के आदेश के बाद उसने एसपी को एक आवेदन दिया है कि दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के साथ उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाए।












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