ऑटो चलाने वाला बना अरबपति, कोरोना संकट में दान किया 1 करोड़ रुपए की 'संजीवनी'
नागपुर, अप्रैल 27: कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देश में कोहराम मचाया हुआ है। स्थिति यह है कि देशभर के ज्यादातर हिस्सों के अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। वहीं मरीजों के लिए बेड से लेकर ऑक्सीजन का संकट मंडाराया हुआ है। ऐसे नकारात्मक माहौल के बीच कुछ लोग सकारात्मक पहल कर समाज के लिए आगे आ रहे हैं। इनमें से एक है नागपुर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी, जिन्होंने ऑक्सीजन की भारी किल्लत के मद्देनजर मानवता का हाथ बढ़ाया और करीब एक करोड़ रुपए दान कर दिया।

एक करोड़ की ऑक्सीजन की दान
जी हां, 1 करोड़ रुपए का दान करने वाले शख्स का नाम हैं प्यारे खान। प्यारे खान नागपुर में ऑक्सीजन की कमी से उखड़ी सांसों को बचाने के लिए मसीहा बनकर सामने आए हैं। प्यारे खान ने नागपुर में कोरोना की बेकाबू स्थिति के मद्देनजर 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दान के रूप में दी है। यहीं नहीं ऑक्सीजन सुचारू रूप से मिल पाए इसपर भी वो अपनी नजर बनाए हुए हैं। प्यारे खान ने संतरा बेचने से अपने कारोबार की शुरुआत की थी, जिसके बाद उन्होंने ऑटो रिक्शा भी चलाया है, लेकिन अब उन्होंने खुद को एक बड़े ट्रांसपोर्टर के तौर पर स्थापित किया है।

400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई
जानकारी के मुताबिक 'मसीहा' प्यारे खान ने इतनी बढ़ी मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति अपने ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के जरिए की। बताया जाता है कि 10 दिनों में उन्होंने 25 टैंकरों की मदद से नागपुर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को करीब 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई की है। ऑक्सीजन के यह 25 टैंकर रोजाना भिलाई, विशाखापट्टनम, बेल्लारी से आ रहे थे।

सरकार से भी नहीं लिया कोई सहयोग
आपको बता दें कि प्यारे खान आज एक बड़े ट्रांसपोर्ट के कारोबारी हैं। जानकारी के मुताबिक उनके पास कुल 300 से ज्यादा ट्रक हैं। प्यारे खान 400 करोड़ कीमत की कंपनी के मालिक हैं, जो 2 हजार से ज्यादा गाड़ियों के नेटवर्क को संभालते हैं। उनके भारत के अलावा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश में भी ऑफिस हैं। बताया जाता है कि ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए उन्होंने सरकार से भी कोई सहयोग नहीं लिया और सारा खर्चा खुद ने वहन किया है।












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