भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के लिए 40 दिनों की अग्नि तपस्या, धीरेन्द्र शास्त्री की राह पर साधू संत
बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग करने के बाद पूरे भारतवर्ष में हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। बात अगर उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर की करे तो यहां पर भी साधु संतों द्वारा भारत सरकार से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की जा रही है। जिसकी एक बानगी उस समय देखने को मिली जब जूना अखाड़े के महंत स्वामी कन्हैया गिरी जी ने एक शिवालय में अपने चारों ओर 11 अग्नि धोनी जलाकर 40 दिन तक अग्नि तपस्या कर ईश्वर और सरकार से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मनोकामना मांगी।
'जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित करें' - स्वामी कन्हैया गिरी
बता दें कि आज 40 दिन बाद कन्हैया गिरी ने शिवाले में विशाल भंडारा आयोजित कर अपनी अग्नि तपस्या संपूर्ण की है। स्वामी कन्हैया गिरी का कहना है कि "वह सनातन धर्म से आते हैं और भारत पौराणिक समय से सनातनी है। यहां के रहने वाले भी सभी सनातन धर्म को मानने वाले हैं। लेकिन हम देखते हैं कि पिछले कई वर्षों से मुजफ्फरनगर ही नहीं बल्कि भारत के कई राज्यों में मुसलमानों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जो आने वाले समय में भारत के लिए हानिकारक हो सकती है। इसलिए हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि भारत को जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित करें।"

200 साल बाद भी हैं शिवलिंग पर हल के निशान
मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित शेर नगर गांव में एक पौराणिक शिवालय इससे वाले की मान्यता है कि लगभग 200 वर्ष पहले शेरनगर गांव में एक किसान जब अपने खेत में हल चला रहा था, तभी वहां पर एक शिवलिंग प्रकट हुआ। जब हल शिवलिंग से टकराया तो वहां से एक धारा गंगाजल की निकली और एक धारा दूध की। आज भी इस शिवलिंग पर हल द्वारा बने उन निशानों को बखूबी देखा जा सकता है। शेरनगर शिवालय में दूर-दूर से सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

2 वर्षों से भोलेनाथ की उपासना में लीन हैं कन्हैया गिरी
शिवालय की मान्यता है कि यहां जो कोई भी भक्त सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान भोलेनाथ से मनोकामना मांगता है तो एक माह के अंदर श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण हो जाती है। शेरनगर शिवालय में तकरीबन 2 वर्ष पहले जूना अखाड़े के महंत स्वामी कन्हैया गिरी जी दर्शन के लिए आए थे और फिर उन्होंने इसी शिवालय को अपना तपस्या स्थल बना लिया। पिछले 2 वर्षों से कन्हैया गिरी इसी मंदिर में धोनी रमा कर शिव शंकर भोलेनाथ की उपासना कर रहे हैं।

11 अग्नि कुंड के बीच अग्नि तपस्या
कन्हैया गिरी पिछले 40 दिनों से मंदिर परिसर में अपने चारों ओर चिलचिलाती दोपहरी में 11 अग्नि कुंड के बीच दिन रात अग्नि तपस्या में लीन रहे। उनकी यह तपस्या मानव जाति के कल्याण और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए की जा रही थी। सोमवार दोपहर 40 दिन की तपस्या पूर्ण होने के बाद कन्हैया गिरी जी ने मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया, जिसमें दूर-दराज से आए सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर कन्हैया गिरी जी का आशीर्वाद लिया।

धीरेंद्र शास्त्री की राह पर देशभर के साधु संत
स्वामी कन्हैया गिरी जी का कहना है कि वह पिछले 40 दिन से अग्निकुंड के बीच अग्नि तपस्या कर रहे थे। वह ये तपस्या इसलिए कर रहे थे क्योंकि वह चाहते हैं कि भारत सरकार भारत को जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित करें वरना आने वाला समय सनातन धर्म को मानने वाले सभी सनातनी भाइयों के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा है कि जिस तरह धीरेंद्र शास्त्री जी हिंदू राष्ट्र बनाने का सपना संजोए हैं, उन्हीं की राह पर देशभर के साधु संत भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से यह आस लगाए हुए हैं कि वह जल्द से जल्द भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करेंगे। जिससे सनातन धर्म का ही नहीं बल्कि पूरी मानव जाति का कल्याण होगा।












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