महाराष्ट्र महाभारत के बाद खेल मैदान पर राजनीति का 'अखाड़ा'
मुंबई। अब तो शायद ही कोई ऐसी जगह स्थान बची हो जहां राजनीति न होती हो। गांव-शहरों में छोटो स्तर के खेल के मैदान खेल के लिए कम बल्कि राजनीतिक समारोह में ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। अब तो देश की केंद्रीय राजनीति भी खेलों के बड़े स्टेडियमों पर जाकर टिकी है। देश के प्रमुख राज्यों में शुमार महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ क्रिकेट के खेल मैदान वानखेड़े में ली जाएगी। राजनीति को करीब से देख रहा बुद्धिजीवी से लेकर अन्य विपक्षी राजनीतिक दलों के छुटपुट नेताओं तक ने इस पर सवाल नहीं उठाए हैं।

विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद भाजपा ने सीएम पद के लिए देवेंद्र फडनवीस को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है। देवेंद्र फडनवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ वानखेड़े स्टेडियम में ही लेंगे।
हैरानी है कि अब खेल के मैदान पर बनी पिच से महाराष्ट्र की राजनीति का नया इतिहास गढ़ा जाएगा। बताया जा रहा है कि यह समारोह इतने बड़े स्तर पर हो रहा है कि इसमें हजारों-करोड़ों रुपए खर्च करने का अनुमान है। यही नहीं मराठी राजा शिवाजी महाराज के राजतिलक की ही तरह इस नए तरीके के राजतिलक को करने के दावे किए गए हैं।
देश के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपना अंतिम मैच इसी खेल मैदान पर खेला था। साल 2011 में इसी मैदान पर भारत ने विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फ़ाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार यह ख़िताब अपने नाम किया था।
शिवसेना भी अपने पर अड़ी
शिवसेना ने अपना अड़ियल रुख भले ही नरम कर लिया हो लेकिन अपने उसी स्वभाव पर शिवसेना अभी भी काबिज है। शिवसेना ने कहा है कि जहां सम्मान नहीं है वहां क्यों जाएं। इससे पहले शिवसेना की तरफ से बयान आया था कि शिवसेना भाजपा को बिना शर्त समर्थन देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।












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