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रिटायर्ड कर्नल के लिए 'देवदूत' बनकर आया फूड डिलीवरी बॉय, जब कोई मदद नहीं कर रहा था तो पहुंचाया अस्पताल

मुंबई, 02 फरवरी: आज का समाज पूरी तरह से बदल गया है, लेकिन इसी समाज में कुछ ऐसे भी चेहरे मौजूद हैं, जो वक्त-वक्त बदलते हुए समाज तो आईना दिखाने का काम करते हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में आज लोगों के पास दूसरों की मदद करने का वक्त नहीं है, या यूं कहे कि इच्छाशक्ति ही नहीं रही, लेकिन जीवन बचाने वाले से बड़ा इस दुनिया में कोई नहीं है। ऐसा ही एक घटना हाल ही में घटित हुई, जो सोशल मीडिया पर जमकर वाहवाही लूट रही है, लोग इस स्टोरी को जानने के बाद तारीफ करते नहीं थक रहे, क्या है वो घटना जानिए...

डिलीवरी बॉय ने बचाई रिटायर्ड कर्नल की जान

डिलीवरी बॉय ने बचाई रिटायर्ड कर्नल की जान

सोशल वीडिया पर वैसे तो कई ऑनलाइन दिल को छू लेने वाली कहानी और किस्से मौजूद है, लेकिन आज हम जो आपको बताने जा रहे हैं, वो आपके चेहरे पर भी एक मीठी सी मुस्कान छोड़ देगी। सोमवार को ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप स्विगी (Swiggy) के ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल ने एक कहानी शेयर की, जिसमें बताया गया कि कैसे एक डिलीवरी बॉय ने एक आदमी की जान बचाई। मृणाल किरदत नाम के युवक ने मन मोहन मलिक नाम के एक रिटायर्ड कर्नल की मदद करने के लिए अपनी जॉब से परे जाकर उनकी जिंदगी बचाई।

भारी ट्रैफिक जाम में फंसे थे रिटायर्ड कर्नल

भारी ट्रैफिक जाम में फंसे थे रिटायर्ड कर्नल

तो हुआ ये कि पिछले साल 25 दिसंबर को मन मोहन मलिक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए और उनके बेटे ने उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला किया। अपने पिता को लेकर जब बेटा घर से निकला तो भारी ट्रैफिक जाम में फंस गए। ऐसे में वो अपनी कार से अस्पताल पहुंचने के लिए भारी ट्रैफिक से जूझने लगे। पिता की बिगड़ी तबीयत को देखते हुए बेटे को कुछ समझ नहीं आ रहा तो उसने बाइक सवार वालों से मदद के लिए हाथ जोड़े, क्योंकि ट्रैफिक को तेजी से नेविगेट कर सकते थे, लेकिन कोई नहीं रुका। लास्ट में स्विगी डिलीवरी बॉय ने मदद का हाथ बढ़ाया। इस जीत दिल लेने वाली कहानी को इंस्टाग्राम पर साझा किया गया है।

लोगों से लगाई मदद की गुहार, लेकिन

लोगों से लगाई मदद की गुहार, लेकिन

इंस्टाग्राम पर शेयर की स्टोरी में कर्नल (सेवानिवृत्त) मन मोहन मलिक के हवाले से लिखा गया," 25 दिसंबर को मैं गंभीर रूप से बीमार पड़ गया और मेरे बेटे ने मुझे लीलावती अस्पताल ले जाने का फैसला किया। भारी ट्रैफिक था और हम एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। मेरे बेटे ने बेरहमी से मदद की गुहार लगाई और दोपहिया सवारों से मदद की मांगी, क्योंकि वे ट्रैफिक में तेजी से नेविगेट कर सकते थे और मुझे अस्पताल ले जा सकते थे। लेकिन राहगीर नहीं रुके। एक स्विगी डिलीवरी बॉय दयालु था और तुरंत मुझे अस्पताल ले जाने के लिए तैयार हो गया। बार-बार चिल्लाते हुए मृणाल किरदत ने अन्य मोटर चालकों को रास्ता देने के लिए कहा। अंत में हम अस्पताल पहुंचे। मृणाल ने तुरंत कर्मचारियों को सूचित किया कि मैं गंभीर हूं और उन्हें जल्द से जल्द एक्शन करने के लिए कहा।

देवदूत बनकर आया स्विगी डिलीवरी बॉय

देवदूत बनकर आया स्विगी डिलीवरी बॉय

वहीं आगे बताया कि, "कई हफ्तों तक अस्पताल में रहने के बाद मैं ठीक हूं। मैं केवल उस युवा लड़के के बारे में सोच सकता था, जिसने मुझे एक नया जीवन दिया। मेरे लिए, वह वास्तव में एक 'रक्षक' है, जैसा कि स्विगी उन्हें बुलाता है। अगर उसके लिए नहीं, तो शायद मैं अपने प्रियजनों के पास कभी नहीं लौट पाता। उन्हें और सभी अनसंग डिलीवरी नायकों को धन्यवाद।" - कर्नल (सेवानिवृत्त) मन मोहन मलिक

सोशल मीडिया पर युवक की जमकर सराहना

सोशल मीडिया पर युवक की जमकर सराहना

कैप्शन के मुताबिक मन मोहन मलिक कई हफ्ते अस्पताल में बिताने के बाद अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मृणाल को रक्षक बताया और उनके इस नेक काम के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। वहीं अब यह स्टोरी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, यूजर्स पोस्ट के कमेंट सेक्शन में मृणाल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कोई उन्हें रक्षक तो कोई उन्हें जीवन देने वाला शख्स बता रहा है। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, "#Saviour आप पर गर्व है भाई तो दूसरे ने कमेंट किया, "एक सच्चा इंसान।"

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