मुंबई में तीसरी लहर की आशंका नहीं, 42 लाख लोग फुल वैक्सीनेटेड- BMC
कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर की आशंका के बीच बीएमसी ने हाईकोर्ट में एक बड़ी बात कही है।
मुंबई, 5 अक्टूबर: कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है और महामारी की तीसरी लहर को लेकर अलग-अलग विशेषज्ञों की रिसर्च सामने आ रही हैं। महाराष्ट्र भी उन पांच राज्यों में शामिल है, जिनमें कोरोना वायरस के दैनिक केस सबसे ज्यादा हैं। इस बीच बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने हाईकोर्ट में बताया है कि फिलहाल मुंबई में कोरोना वायरस की तीसरी लहर आती हुई नजर नहीं आ रही है। बीएमसी ने बताया कि मुंबई में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान बेहद मजबूती से चल रहा है, जिसमें अभी तक 42 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज दी जा चुकी हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट में टीकाकरण को लेकर दाखिल एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बीएमसी के वकील अनिल सखारे ने हाईकोर्ट को बताया, 'मुंबई में 2586 ऐसे लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन की दोनों डोज दी जा चुकी हैं, जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं। इसके अलावा ऐसे ही 3942 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। कोरोना महामारी के खिलाफ मुंबई में टीकाकरण बेहद तेज गति से चल रहा है और हमें शहर में संक्रमण की तीसरी लहर आती हुई नजर नहीं आ रही है। मुबंई में 42 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज देने के अलावा करीब 82 लाख लोग पहली खुराक भी ले चुके हैं।'
किस याचिका के जवाब में बीएमसी ने कही ये बात
आपको बता दें कि इस साल की शुरुआत में एडवोकेट धृति कपाड़िया और कुनाल तिवारी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में मांग की गई थी कि महाराष्ट्र और केंद्र सरकार को मुबंई में 75 साल या उससे अधिक की उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए डोर-टू-डोर टीकाकरण अभियान शुरू करने के लिए हाईकोर्ट दिशा-निर्देश जारी करे। इसके अलावा इस याचिका में ऐसे लोगों के लिए भी उनके घर जाकर वैक्सीन लगाने की मांग हुई थी, जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं। याचिका में कहा गया कि ऐसे लोग टीकाकरण केंद्र तक जाकर वैक्सीन लगवाने में असमर्थ हैं और इनके लिए राज्य सरकार को विशेष इंतजाम करने चाहिए।












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