बीएमसी चुनाव: जीरो वोट मिलने से प्रत्याशी परेशान, 'खुद का वोट कहां गया'
प्रत्याशी ने कहा है कि उसके पूरे परिवार ने उसे वोट दिया था फिर भी उसके खाते में एक भी वोट नहीं आए, इसके पीछे कोई बहुत बड़ी गड़बड़ी हुई है।
नई दिल्ली। 21 फरवरी को हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव में एक निर्दलीय प्रत्याशी को जीरो वोट मिले हैं। उसने इस पर आपत्ति जताते हुए राज्य चुनाव आयोग से मांग की है कि वोटों की गितनी की जांच की जाए। प्रत्याशी ने कहा है कि उसके पूरे परिवार ने उसे वोट दिया था फिर भी उसके खाते में एक भी वोट नहीं आए, इसके पीछे कोई बहुत बड़ी गड़बड़ी हुई है। यह प्रत्याशी उपनगरीय मुंबई के साकीनाका वार्ड से चुनाव लड़ने वाले श्रीकांत शिरसत हैं। उन्होंने यहां से निर्दलीय चुना लड़ा।

इस चुनाव में सबसे हैरानी की बात यह है कि उन्हें एक भी वोट नहीं मिला है, जबकि उनका दावा है कि उनके पूरे परिवार ने तो उन्हें वोट दिया ही है, भले ही और किसी ने उन्हें वोट न दिया हो। यहां एक और बड़ी बात है जो वोटों की गिनती में हुए एक बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करती है। दरअसल, अगर मान लिया जाए कि श्रीकांत को उनके परिवार में से किसी ने भी वोट नहीं दिया तो भी उनका अपना वोट तो उन्हीं को गया है। अब वह इस बात से भी हैरान हैं कि आखिर उनका खुद का वोट भी कैसे उन्हें नहीं मिला है। ये भी पढ़ें- खुलासा: नोटबंदी का फैसला लेने के 15 दिन बाद शुरू हुई 500 के नोटों की छपाई
अगर श्रीकांत के सभी दावे सही हैं तो इस बार हुए बीएमसी चुनाव में एक बड़ी धांधली हुई है, जिसका खुलासा छानबीन के बाद ही होगा। श्रीकांत की इस शिकायत पर अगर राज्य चुनाव आयोग की तरफ से कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जाता है तो उम्मीद है कि वह न्याय पाने के लिए कोर्ट का रुख कर लें। उनके वार्ड से अन्य प्रत्याशी भी उन्हें कोर्ट जाने की सलाह दे रहे हैं और वोटों की गिनती की जांच कराने को का आग्रह करने को कह रहे हैं।












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