मुरैना में प्रियंका गांधी हुई भावुक, बोली- मेरे पिता को विरासत में धन-दौलत नहीं, शहादत मिली
Morena News: प्रियंका गांधी ने मुरैना में आयोजित चुनावी सभा में भावुक होकर उन्होंने अपने पिता, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की यादों को याद किया। उन्होंने कहा, "मैं जब 19 साल की थी, तब अपने पिता के टुकड़े घर लाई थीं। मोदी जी कहते हैं कि मेरे पिता ने उनकी मां से विरासत लेने के लिए कानून बदल दिया था। मोदी जी इस बात को समझ नहीं पाएंगे कि मेरे पिता को विरासत में धन दौलत नहीं मिली। मेरे पिता को विरासत में शहादत मिली।"
रामजानकी और पटियावाले बाबा का जयकारा लगाकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने मुरैना की जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह वीरों की धरती है, आप अपने घरों से सरहद पर अपने बेटों को लड़ने भेजते हैं इसलिए हमारे लिए यह पवित्र भूमि है, कोई ऐसा युद्ध नहीं जिसमें आपने अपने बेटों को नहीं भेजा।

अब चुनाव का समय है, जिस तरह आप अपने परिवार को सरहद पर भेज कर बड़ी जिम्मेदारी उठाते हैं। उसी तरह इस देश में आपके वोट को लेकर भी यह जिम्मेदारी आपको उठानी है। मैं आपसे केवल दो बातें कहना चाहती हूं एक यह कि प्रधानमंत्री मोदी जी का ध्यान कहां है और दूसरी यह कि आपकी परिस्थितियों क्या हैं।
गांधी ने कहा कि आज देश में बहुत बड़ी-बड़ी समस्याएं हैं विभिन्न वर्गों की, जैसे 45 सालों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है, आप अपने बच्चों के भविष्य के लिए बहुत मेहनत करते हैं, महंगाई बढ़ गई है लेकिन फिर भी आप परवरिश में आने वाली मुश्किलों को दूर करते हैं, आप अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए धन देते हैं, ट्यूशन के लिए धन देते हैं लेकिन जब बच्चा परीक्षा देने जाता है तो पेपर लीक हो जाता है। सब जगह रोजगार के अवसर यह सरकार खत्म कर रही है जैसे अग्नि वीर, 4 साल बाद सैनिक फिर नौकरी ढूंढे,पीएसयू की सब्सिडियरी उद्योगपति मित्रों को मोदी जी दे रहे हैं, कोयले की खदान हो, बंदरगाह हो, हवाई अड्डे हो, सड़के हों,बिजली के कारखाने हों, ये सब अपने मित्रों को दे रहे हैं।

गांधी ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से आपके रोजगार छीने जा रहे हैं, छोटे और मध्यम उद्योग के माध्यम से भी रोजगार मिलता था परंतु नोटबंदी कर दी गई जिसमें वादा तो किया काला धन लाने का परंतु ना ही काला धन आया बल्कि छोटे उद्योग पिस गए जिससे रोजगार में कमी आई। फिर जीएसटी ले आए जिससे महंगाई बढ़ी, हर चीज महंगी हुई, किसानों पर भी जीएसटी लगा दिया। आज सिलेंडर महंगा है, छोटे दुकानदार तक परेशान हैं, किसान अपनी बेटी की शादी के लिए यदि कर्ज लेते हैं तो भले ही वह आत्महत्या कर ले उसका कर्ज माफ नहीं होगा लेकिन अपने खरबपति मित्रों का जरूर 16 लाख करोड रुपए इन्होंने माफ किया है। देश के लिए आपके शहीद भाइयों ने क्या इस सरकार से यही उम्मीद की थी?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हिंदू धर्म पर आधारित पार्टी है और इसका मूल है सत्य, जो सत्ता में है वह जनता को सर्वाेपरि मानता है लेकिन आज की सत्ता क्या आपकी बात करती है? मोदी जी ने कभी क्या बेरोजगारी की बात की, 16000 करोड़ के दो हवाई जहाज ले लिए हैं, दुनिया घूमते हैं लेकिन क्या वे किसी गरीब के घर जाते हैं, क्या उसकी समस्याओं पर उससे बातचीत करते हैं? अगर नहीं करते तो वे कैसे जानेंगे कि आप गरीबी की किस दलदल में जी रहे हैं? मीडिया चौनल खरबपतियों ने खरीद रखे हैं वे हमारी बात नहीं दिखाते लेकिन फिर भी हम लड़ रहे हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा कि मोदी जी खुद को ईमानदार बताते हैं और इलेक्टरल बॉन्ड्स के जरिए आप खुद बताइए की दुनिया में सबसे अमीर पार्टी कौन सी बन गई है ? गुजरात में जो पुल गिरा उसको बनाने वालों से चंदा ले लिया, वैक्सीन के सर्टिफिकेट पर मोदी का चेहरा तो खूब देखा परंतु अब पता चल रहा है कि उस वैक्सीन से दिल के दौरे पड़ने की संभावना भी है, उस कंपनी तक से इन्होंने चंदा ले लिया, जिन कंपनियों पर छापे और केस थे उन कंपनियों से भी चंदा ले लिया और उन पर कार्रवाई बंद हो गई। क्या मोदी जी का ध्यान उन लाखों किसानों पर गया जो इस देश के लिए आंदोलन कर रहे थे, 600 किसान शहीद हो गए, मंत्री के बेटे जिसकी गाड़ी से किसान कुचले गए उन्हें तो सरकार ने खूब बचाया और उत्तर प्रदेश के चुनाव से पहले वे कानून वापस ले लिए तो आप सोचिए कि ये किस तरीके से आपको गुमराह कर रहे हैं, सिलेंडर लगातार महंगा होते जा रहा, नौकरी मिल नहीं रही, क्या मोदी जी टीवी से निकलकर नौकरी देंगे, इस भ्रमजाल से बाहर निकलिए।
गांधी ने कहा कि हम नौजवानों को 1,00,000 रूपये सालाना देंगे, हर महिला को 8500 हजार रुपए महीना देंगे, 30 लाख नौकरियां देंगे, भाजपा के वे लोग जो कहते हैं कि मोदी जी कोई भी काम चुटकी बजाते कर देते हैं उनसे पूछिए कि मोदी जी ने चुटकी बजा कर ये 30 लाख खाली सरकारी पद क्यों नहीं भर दिए?
विपक्ष को इस कदर दबा रखा है मोदी जी ने कोशिश कर रहे हैं पूरी लेकिन हम लड़ते रहते हैं, हम खडे़ रहते हैं, हम आवाज उठाते रहते हैं, क्योंकि हम इनकी सत्ता से डरते नहीं हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि हद से ज्यादा इन्होंने सत्ता बटोर रखी है, धन बटोर रखा है।
अपने पिता राजीव गांधी जी को याद करके भावुक हुईं प्रियंका गांधी, कहा- मेरे पिता को विरासत में धन-दौलत नहीं, शहादत मिली। प्रियंका जी ने कहा आपके दिल में देशभक्ति की भावना है इसलिए आप अपने बच्चों को सरहद पर भेजते हैं, 19 साल की उम्र में जब मैं अपने पिता के टुकड़े लेकर आई तो इस देश से नाराज थी।
उन्होंने कहा मैंने अपने पिता को हिफाजत से तुम्हारे पास भेजा और तुमने टुकड़े में लौटाया। लेकिन धीरे-धीरे शहादत का मतलब समझ में आया। मैं जानती हूं शहादत का क्या मतलब है। जब मंच पर खड़े होकर मेरे पिता पर आरोप लगाते हैं कि मेरे पिता ने कोई कानून बदल दिया उनसे विरासत लेने के लिए। मेरे पिता को विरासत में धन-दौलत नहीं, शहादत की भावना मिली। यह भावना आप समझ सकते हैं क्योंकि आपने अपने बेटे सरहद पर भेजें हैं। मोदी जी इस भावना को नहीं समझ सकते, वे हमें देशद्रोही कहें, घर से निकाल दें, संसद से निकाल दें, कुछ भी कर लें, लेकिन ये भावना हमारे दिल से कोई नहीं निकाल सकता।












Click it and Unblock the Notifications