'मां के बराबर कोई नहीं', मिर्जापुर में बेटे को बचाने के लिए लकड़बग्घे से भिड़ गई मां, फिर हुआ कुछ ऐसा
mother fought with hyena to save son: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद में गुरुवार देर रात अपनी मां के साथ सो रहे एक बेटे के ऊपर लकड़बग्घे ने हमला कर दिया। मासूम को अपने जबड़े में दबोच कर लकड़बग्घा जंगल की तरफ लेकर भागने वाला था।
इसी दौरान मासूम बच्चे की मां की नींद खुल गई। उसके बाद अपने बेटे को बचाने के लिए मन लकड़बग्घे से लड़ गई। वह अपने बच्चों को लकड़बग्घा के जबड़े से छुड़ा ली और फिर उसे पर लाठी से वार करने के साथ जोर-जोर से चिल्लाने लगी।

आवाज सुनकर उसके घर वाले और आसपास के लोग भी लाठी डंडा लेकर पहुंचे। उसके बाद ग्रामीणों ने लाठी डंडे से पीट-पीट कर लकड़बग्घे को मार डाला। अब मासूम बच्चे को बचाने वाली मां की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
बच्चे को डेढ़ सौ मीटर खींच ले गया था लकड़बग्घा
यह पूरा मामला मिर्जापुर जनपद के हलिया थाना क्षेत्र के रामपुर पौड़ी गांव का है। बताया जा रहा है कि गांव में जैमुन्निशा नामक एक महिला अपने 13 वर्षी बालक नवी मोहम्मद के साथ गुरुवार की रात्रि में घर के बाहर सोई हुई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि मध्य रात्रि में लकड़बग्घा चुपके से वहां पहुंचा और मां के पास सो रहे बच्चे को अपने जबड़े में घसीट कर लेकर भागने लगा। बच्चे को घसीटते हुए लेकर लकड़बग्घा घर से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर एक खेत में लेकर चला गया।
इसी बीच जैमुन्निशा की नींद अचानक खुल जाती है। नींद खुलने के बाद वह बच्चे की आवाज सुनकर दौड़ते हुए खेत की तरफ जाती है। वहां लकड़बग्घा वह देखकर वह अपने बच्चों को बचाने के लिए उस लड़ जाती है। इस दौरान लकड़बग्घा उसके ऊपर भी हमला कर देता है।
लकड़बग्घे के हमले से महिला भी घायल हो जाती है लेकिन अपने बच्चों को बचाने में वह सफल हो जाती है। फिलहाल ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इस बारे में रेंजर अवध नारायण मिश्र द्वारा मीडिया को बताया गया कि ग्रामीणों के हमले से लकड़बग्घे की मौत हो गई है। लकड़बग्घा की डेड बॉडी कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा घायल बच्चे और उसकी मां को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।












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