Meerut: चाइनीज मांझे में फंसी चील का रेस्क्यू करना फायर ब्रिगेड को पड़ा भारी, घंटो हवा में लटके रहे कर्मचारी
एक चील के रेस्क्यू के लिए पहुंची फायर बिग्रेड की हाइड्रोलिक प्लेटफार्म मशीन पेड़ों में फंस गई। मशीन के प्लेटफार्म पर खड़े फायर बिग्रेड के कई कर्मचारी घंटों हवा में लटके रहे। तीन घंटे के बाद कर्मचारियों को नीचे उतारा गया।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोमवार को आईजी ऑफिस के सामने उस समय अफरा-तफरी के हालात बन गए जब एक चील के रेस्क्यू के लिए पहुंची फायर बिग्रेड की हाइड्रोलिक प्लेटफार्म मशीन पेड़ों में फंस गई। मशीन के प्लेटफार्म पर खड़े फायर बिग्रेड के कई कर्मचारी घंटों हवा में लटके रहे। तीन घंटे की मशक्कत के बाद मशीन को सही करके कर्मचारियों को नीचे उतारा गया। इस मंजर को देख सड़क से गुजरते लोगों की सांसें थमी रहीं। इस दौरान किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया जो अब जमकर वायरल भी हो रहा है।

तीन घंटे हवा में लटके रहे फायर बिग्रेड के कर्मचारी
दरअसल, घटना सोमवार की सुबह की है। बताया जा रहा है कि एक चील मेरठ में आईजी आवास के पास यूके लिप्टिस के ऊंचे पेड़ में चाइनीज मांझे में उलझ गई। जानकारी के बाद फायर बिग्रेड की टीम हैवी हाइड्रोलिक प्लेटफार्म मशीन लेकर मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने लगभग 45 मिनट की मशक्कत के बाद चील को सफलतापूर्वक चीनी मांझे से आजाद कर दिया और उसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा दिया गया।
वहीं, चील को आजाद कराते समय हाइड्रोलिक मशीन का सेंसर खराब हो गया। जिसके चलते मशीन पेड़ों में ही फंस गई और प्लेटफार्म पर खड़े फायर ब्रिगेड के कर्मचारी हवा में लटक गए। लगभग तीन घंटे बाद मशीन के सेंसर को मैनुअली साफ किया गया। तब कहीं जाकर कर्मचारियों को नीचे उतारा गया। उधर, यह मंजर देख कर सड़क पर चलने वालों की सांसे थमी रहीं।

कितना खतरनाक होता है चाइनीज मांझा
अक्सर लोगों का मानना होता है कि चाइनीज मांझा चीन से आता है, इसलिए इसे बैन कर दिया जाता है। लेकिन, ऐसा नहीं है. चाइनीज मांझे को बैन कारण कुछ और है। दरअसल, चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की तुलना में काफी धारदार होता है. धारदार होने के साथ ही यह इलेक्ट्रिक कंडक्टर होता है, जिस वजह से इसे और भी ज्यादा खतरनाक माना जाता है। दरअसल, इलेक्ट्रिक कंडक्टर होने की वजह से चाइनीज मांझे में करंट आने का खतरा रहता है। इसके अलावा ये मांझा आसानी से नहीं टूटता है और कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें देखा गया है कि टू-व्हीलर चालकों के गले में यह फंस जाने से कई बार चालक की मौत भी हो जाती है. कई पक्षी भी इससे कट जाते हैं।

कैसे बनता है चाइनीज मांझा
चाइनीज मांझे को प्लास्टिक मांझा भी कहा जाता है। यह प्लास्टिक का मांझा या चाइनीज मांझा अन्य मांझों की तरह धागों से नहीं बनता है। यह नायलॉन और एक मैटेलिक पाउडर से मिलकर बनाया जाता है। नायलॉन के तार में कांच आदि लगातार इसे और भी ज्यादा धारदार बनाया जाता है. यह स्ट्रेचेबल भी होता है, इस वजह से कटता भी नहीं हैं. वहीं, जब इसे उड़ाते हैं तो इसमें हल्का से कंपन होता है। बता दें कि सिपंल मांझा धागे से बनता है और उसपर कांच की लेयर चढ़ाई जाती है। साधारण मांझे की धार भी तेज होती है, लेकिन यह कम खतरनाक होता है।












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