दूरबीन से EVM की निगरानी करने वाली सपा उम्मीदवार ने अब बताई अपनी हार की असली वजह
मेरठ, 12 मार्च: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे सामने आ चुके है और भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली है। जबकि समाजवादी पार्टी 125 सीट पाकर दूसरे नंबर पर रही। तो वहीं, दूरबीन से ईवीएम की गिगरानी करने वाले हस्तिनापुर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा एक लाख 275 वोट पाकर भी हार गए। चुनाव हारने के बाद योगेश वर्मा ने फेसबुक लाइव आकर अपना दर्द बयां किया और पार्टी के कार्यकर्ताओं को लेकर बड़ा बयान दिया।
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फेसबुक लाइव करते हुए सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा ने कहा, 'चुनाव नहीं, किस्मत हारी है। समर्थक मायूस हैं, परेशान हैं, फोन कर रहे हैं, रो रहे हैं। उनका परेशान होना भी लाजमी है, क्योंकि उन्होंने दिल से चुनाव लड़ाया। बहुत मेहनत की। एक लाख से ज्यादा वोट दिया है। कहा कि यह मेरा परिवार है, सभी का धन्यवाद। किसी को यह डर हो कि कोई अब परेशान करेगा, तो सभी के साथ हमेशा खड़ा रहूंगा, घबराने की जरूरत नहीं है।'
योगेश वर्मा ने लाइव में बोलते हुए आगे कहा, 'मैंने चुनाव के तुरंत बाद पूरे एक महीने तक EVM और स्ट्रांग रूम की चौकसी की। यह चुनाव हम जीतकर हारे हैं। जिन लोगों को पार्टी की तरफ़ से टिकट नहीं मिला है, वो हार का कारण हैं। जयचंद, जिन लोगों को टिकट नहीं मिला उन लोगों ने अंदर विरोध कर दिक़्क़त पैदा की।' कहा कि 'घर का भेदी लंका ढाए, वाली बात हुई है। कुछ नेता सत्ता में रहकर मंत्री बन जाते हैं, मौज मस्ती करते हैं, और फिर पार्टी में रहकर दूसरे को चुनाव लड़वाते हैं।'
उन्होंने लाइव में बोलते हुए कहा कि 'इसकी शिकायत सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जाएगी। वह कार्रवाई करते हैं या नहीं, यह उन्हें तय करना है, लेकिन उन्हें जरूर बताऊंगा। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने इशारों ही इशारों में अपनी बात कही।' उन्होंने कहा हस्तिनापुर सीट पर आमने-सामने की टक्कर थी, बाकी कोई भी पार्टी के प्रत्याशी की मजबूती से चुनाव नहीं लड़े, इसका भी फर्क पड़ा।












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