कृषि कानून के समर्थन में उतरे पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान, दिल्ली तक शुरू किया ट्रैक्टर मार्च
Farmers support agricultural law: मेरठ। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले कई दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। तो वहीं, अब कृषि कानूनों के समर्थन में पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान सड़कों पर उतर आए है। रविवार को मेरठ जिले से हजारों की तादात में किसान दिल्ली की और रवाना हो गए है।
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20 दिसंबर, रविवार को पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से हजारों की तादात में किसान दिल्ली की और रवाना हो गए है। इस दौरान मीडिया ने किसानों से बातचीत की। बातचीत में मुजफ्फरनग जिले के निवासी विकास और मेरठ जिले के निवाली राज बहादुर ने बताया कि आज हम ट्रैक्टर पर सवार होकर दिल्ली की तरफ जा रहे है। कहा कि हम इस किसान कानून का समर्थन करते है संशोधन के साथ।
किसान विकास ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले हाथ जोड़कर देश वासियों से निवेदन किया कि इस बिल में आपका हिता छुपा हुआ है। सारी बाते पीएम ने बारीकी से समझाई। हमें पीएम पर पूरा भरोसा है। हम उन नेताओं पर भरोसा नहीं करते, जो महीने पहले किसान बिल के समर्थन में थे। बाद में विरोध में हो गए। पीएम ने साफ कहा कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए स्वतंत्र है। तो वहीं, मेरठ जिले के निवाली राज बहादुर ने कहा कि कृषि कानून में संशोधन के लिए ज्ञापन देने जा रहे है।
दो घंटे में यहां से चले जाएंगे
वहीं, दूसरी तरफ हजारों की संख्या में किसान दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर डटे हुए है और कृषि कानूनों का विरोध कर रहे है। आंदोलनकारी किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार इन तीनों नए कृषि कानूनों को वापस ले। इतना ही नहीं, न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक किसान ने कहा कि केंद्र सरकार तीन कानून खत्म कर दे तो हम दो घंटे में यहां से चले जाएंगे।












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