मथुरा बृज मंडल में श्री कृष्ण जन्मभूमि होली की धूम, श्रद्धालुओं पर जमकर हुई टेसू के रंग और गुलाल की वर्षा
Krishna Janmabhoomi Holi: मथुरा बृज मंडल में इस समय होली पर्व की धूम मची हुई है। पूरा मथुरा बृज मंडल होली के रंगों में सराबोर है। मथुरा की ऐसी कोई गली नहीं है जहां गुलाल न उड़ रहा हो।

भारत में होली का त्योहार एक अलग ही महत्त्व रखता है। इसके रंगीले मिजाज और उत्साह की बात ही कुछ और है। मौज-मस्ती और प्रेम-सौहार्द से सराबोर यह त्योहार अपने भीतर परंपराओं के विभिन्न रंगों को समेटे हुए है, जो विभिन्न स्थानों में अलग-अलग रूपों में सजे-धजे नजर आते हैं। लेकिन इसमें भी सबसे ख़ास होती है श्री कृष्ण जन्मभूमि यानी मथुरा की होली।
आमतौर पर सभी जगह होली का पर्व दो दिनों तक मनाया जाता है। लेकिन मथुरा में यह पर्व पूरे 40 दिनों तक चलता है। यहाँ कई प्रकार की होली अलग-अलग दिनों पर खेली जाती है। जैसे छड़ीमार होली, लठमार होली, कृष्ण जन्मभूमि होली। जिसमे से आज 3 मार्च को कृष्ण जन्मभूमि होली बड़े ही धूमधाम से मनाओ गई।

श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर यातायात व्यवस्था में परिवर्तन
श्री कृष्ण जन्मभूमि पर आज 3 मार्च को होली खेली गई। यहां हजारों लोग रंगोत्सव में शामिल होने के लिए पहुंचें। इसके मद्देनजर यातायात व्यवस्था में परिवर्तन किया गया। जो गुरुवार रात दो बजे से लागू हो गया था और कार्यक्रम समाप्ति तक जारी रहेगा। एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया, पांच स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। इसके साथ शहर में दस स्थानों पर बैरियर लगाए गए हैं।
ऐसी कोई गली नहीं, जहां गुलाल न उड़ रहा हो
बता दें कि मथुरा बृज मंडल में इस समय होली पर्व की धूम मची हुई है। पूरा मथुरा बृज मंडल होली के रंगों में सराबोर है। मथुरा की ऐसी कोई गली नहीं है जहां गुलाल न उड़ रहा हो। यही नजारा है वृंदावन का भी है। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं पर टेसू के रंग और गुलाल से वर्षा की जा रही है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं पर आगरा जोन के आईजी नचिकेता झा, जिला अधिकारी पुलकित खरे एवं नगर आयुक्त आनंद विहार अपने हाथों से रंगों की वर्षा कर रहे हैं। समूचा परिमंडल होली के रंगों में सराबोर है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन में भजनों के बीच ठाकुर जी के साथ होली खेल रहे हैं।

ब्रज मंडल में कब कौन सी होली
40 दिवसीय इस रंगोत्सव की धूम मन को आनंद और आत्मा को भक्ति भाव से भर देती है। यहां तक कि ब्रज धाम में सिर्फ रंगों से ही नहीं बल्कि कई अन्य तरीकों से भी होली खेली जाती है। लड्दुमार होली से लेकर गोबर की होली तक का प्रचलन है। आज हम आपको ब्रज मंडल में कल कौन सी होली खेली गई और आने वाले कल कौन से होली खेली जाएंगी इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
लड्डूमार होली
बरसाना में होली की शुरुआत लड्डूमार होली से होती है। यह होली श्री राधा रानी (कैसे बनी राधा रानी किशोरी जी) के जन्म स्थल बरसाना में राधा रानी के श्रीजी मंदिर में खेली जाती है। इस साल लड्डूमार होली 27 फरवरी 2023 को खेली गई।
लट्ठमार होली
बरसाना की प्रमुख और बहुप्रचलित होली लट्ठमार होली 28 फरवरी 2023 को खेली गई। इस दिन नंदगांव से आए ग्वालों पर बरसाना की ग्वालिनों ने लट्ठ बरसाकर होली खेली है।
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बरसाना की छड़ीमार होली
बरसाना ही नहीं नंदगांव में भी लट्ठमार होली खेली जाती है। इस दिन बरसाना के ग्वाले नंदगांव जाते हैं और नंदगांव की ग्वालिनें उन पर लट्ठ बरसाती हैं। इस बार नंदगांव की लट्ठमार होली 1 मार्च 2023 को खेली गई।
कृष्ण जन्मभूमि होली
श्री कृष्ण की जन्मभूमि यानी कि मथुरा में कृष्ण (श्री कृष्ण आकर्षण मंत्र) जन्मस्थान पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं जिनमें भरकर गुलाल उड़ता है। ऐसी कोई गली नहीं बचती जहां रंग की छाप न हो। इस बार यह क्रायक्रम 3 मार्च 2023 को मनाया गया।
गोकुल की छड़ीमार होली
गोकुल में छड़ीमार होली खेली जाती है। इस साल यह होली 4 मार्च 2023 को खेली जाएगी। वहीं, फालेन गांव में महा होलिका दहन होता है जिसमें से हुलियारे नंगेपांव गुजरते हैं। इस साल फालेन गांव में होलिका दहन 6 मार्च 2023 को होगा।












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