Mathura : जिन्दा पत्नी की हत्या के आरोप में 2 निर्दोष लोगों को जेल, 6 साल बाद दूसरे पति के पास से हुई बरामद
एक जिन्दा लड़की की हत्या के आरोप में 2 निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया। जेल भेजने के 6 साल बाद आरोपी पति ने खुद ही कथित तौर पर मर चुकी पत्नी को राजस्थान से ढूंढ निकाला और पुलिस के सामने पेश कर दिया।

न्यायिक सिद्धांत में अक्सर यह कहा जाता है कि भले 100 गुनहगार छूट जाएं लेकिन किसी निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए। मगर उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे एक जिन्दा लड़की की हत्या के आरोप में 2 निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया। जेल भेजने के 6 साल बाद आरोपी पति ने खुद ही कथित तौर पर मर चुकी पत्नी को राजस्थान से ढूंढ निकाला और पुलिस के सामने पेश कर दिया। जीवित पाई गई महिला अपने दूसरे पति के साथ खुशी से रह रही थी। यही नहीं, 2016 में इस मामले की जांच कर रहे पुलिसकर्मियों को दो निर्दोष लोगों को पकड़ने के लिए 15,000 रुपये का इनाम भी दिया गया था।

6 साल बाद मुर्दा पत्नी खुद देगी पति की बेगुनाही का सबूत
दरअसल, पूरी घटना 2015 की है जिसमे मथुरा के रहने वाले सोनू सैनी ने आरती नाम की एक लड़की से कोर्ट मैरिज की थी। सोनू सैनी ने अपने पिता सूरज प्रकाश गुप्ता के साथ राजस्थान के करौली और दौसा जिलों की सीमा पर स्थित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में आरती देवी से मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्होंने कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद दोनों वृंदावन में ही एक किराए के मकान में रहते थे। पीड़ित पति सोनू और उसका एक दोस्त गोपाल वहीं के एक स्थानीय भोजनालय में काम करते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरती 2015 में वृंदावन में अपने किराए के घर से 'गायब' हो गई थी। इसपर उसके पति ने अपने दोस्तों के साथ अपनी पत्नी को ढूंढ़ने की काफी कोशिश की पर वह नहीं मिली।
इसके कुछ ही समय बाद एक महिला का अज्ञात शव मिला, जिसे आरती के पिता ने अपनी लापता बेटी होने का दावा किया। फिर मार्च 2016 में आरती के पिता ने सोनू सैनी समेत 3 और लोगो के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवा दिया। अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में पुलिस में सोनू और उसके साथ काम करने वाले उसके एक दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

दो आधार कार्ड और दुसरे पति के साथ थी महिला
बता दें कि महिला के पिता द्वारा वृंदावन पुलिस स्टेशन में शिकायत के बाद 2016 में उन पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। और तो और मामले की जांच कर रहे पुलिसकर्मियों को दो लोगों को पकड़ने के लिए 15,000 रुपये का इनाम भी दिया गया था। आरती देवी के पति, सोनू सैनी ने 18 महीने जेल में बिताए, जबकि उनके दोस्त गोपाल सैनी को नौ महीने की कैद हुई। दोनों ने अपनी जमानत की अर्जी इलाहबाद उच्च न्यायलय में दाखिल की जिसके बाद दोनों जमानत पर बाहर आ गए।
तभी से सोनू और उसका दोस्त मिलकर मृत आरती देवी को ढूढ़ने में लग गए थे। दोनों की कड़ी मेहनत के लगभग छह साल बाद, सोनू और गोपाल 'मृत महिला' का पता लगाने में कामयाब रहे और मथुरा पुलिस को उसके बारे में सूचित किया। पुलिस ने फ़ौरन कार्यवाही करते हुए रविवार को महिला को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दावा किया कि महिला के पास से दो आधार कार्ड मिले हैं, जिनमें जन्म की दो अलग-अलग तारीखें हैं। आगे की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।












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