Mathura: नाबालिग बच्चे के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को फांसी की सजा, महज 15 दिन में हुआ फैसला
मथुरा में एक नाबालिग बच्चे के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पोक्सो कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद माता-पिया तो भावुक हुए ही लेकिन अधिवक्ता भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं।

उत्तर प्रदेश के मथुरा में पोक्सो कोर्ट ने एक नाबालिग बच्चे के साथ दुष्कर्म के आरोपी को फांसी की सजा सुनाकर एक बार फिर इतिहास रच दिया है। जनपद के चर्चित 8 साल के नाबालिग बच्चे के साथ कुकर्म कर उसकी हत्या करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट जज रामकिशोर यादव की अदालत ने आरोप पत्र दाखिल होने के महज 15 दिन में आरोपी को फांसी की सजा के साथ-साथ एक लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

सीसीटीवी कैमरों में दिखा कातिल
बता दें कि मथुरा के औरंगाबाद क्षेत्र में एक नौ साल का बच्चा 8 अप्रैल 2023 की शाम को गायब हो गया था। बच्चे के पिता द्वारा थाना सदर बाजार में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की पर बच्चे का कहीं पता नहीं चला। वहीं जब आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, तो बच्चा ताऊ की दुकान पर काम करने वाले सैफ के साथ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने सैफ को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ की।
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नाले में शव को लगाया था ठिकाने
सख्ती से पूछताछ करने पर सैफ टूट गया और उसने ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जिसके बाद उसकी निशानदेही पर घर से 500 मीटर दूर स्थित नाले से बच्चे का शव बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी सैफ ने बताया कि वह बच्चे को अपने साथ ले गया था और घर से 500 मीटर दूर नाले के पास उसने बच्चे के साथ कुकर्म किया था। वहीं उसे पहचान उजागर होने का डर था जिसकी वजह से उसने बच्चे की लोहे की स्प्रिंग से गला दबाकर हत्या कर दी।

फांसी की सजा
हत्यारे सैफ के खिलाफ पुलिस ने धारा 363, 302, 201, 377 और धारा-6 पोक्सो एक्ट अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद इस घटना की चार्जशीट न्यायालय में 28 अप्रैल 2023 को आई थी। अभियुक्त पर न्यायालय में दो मई 2023 को चार्ज लगाया गया था। 8 मई को पहली गवाही कराई गई तथा 18 मई को सभी की गवाही खत्म कराई। 22 मई को फाइनल बहस हुई थी तथा 26 मई को आरोपी सैफ पर सभी धाराओं में दोष सिद्ध कर दिया गया था।

माता-पिता के साथ-साथ अधिवक्ता भी हुईं भावुक
आरोपी सैफ को सजा सुनाई गई तो कोर्ट में मृतक अरहान की मां नाजिस और पिता अफजल फूट-फूट के रो पड़े। उनका कहना था कि आज हमारे बेटे को न्याय मिला है। त्वरित कार्यवाही से हम पूर्ण रूप से संतुष्ट हैं। कोर्ट में मां बाप को रोता देख स्पेशल डीजीसी पोक्सो एडवोकेट अलका उपमन्यु भी अपने आंसुओं को न रोक सकीं और भावुक हो गयीं। आरोपी सैफ पुत्र तस्सबुर खान मूल रूप से केडीए कॉलोनी थाना जाजमऊ कानपुर का रहने वाला है और मथुरा के औरंगाबाद में रहता है।













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