Mathura : 13 वर्षीय मासूम मोबाइल फ़ोन फटने से बुरी तरह घायल, गेम खेलते वक्त हुई घटना
उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक ताजा मामला सामने आया है जिसमे मोबाइल पर गेम खेलते वक्त मोबाइल फटने से एक मासूम बुरी तरह झुलस गया। घटना की जानकारी परिजनों को लगी तो अफरा-तफरी का माहौल हो गया और घर पर लोगों की भीड़ लग गई।

ज़्यादातर मामलों में मोबाइल फ़ोन के फटने की वजह बैटरी होती है. फ़ोन के गिरने या अन्य वजहों से कई बार बैटरी में लीकेज हो सकती है, जो बाद में फोन चार्ज करने पर आग पकड़ सकती है। बैटरी कई सारे सेल्स को जोड़कर बनती है. यही बैटरी जब पुरानी हो जाती है, तो कई बार सेल्स के बीच की लेयर टूट जाती है और बैटरी फूल जाती है। इससे शॉर्ट सर्किट होकर बैटरी के फटने की आशंका पैदा हो जाती है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक ताजा मामला सामने आया है जिसमे मोबाइल पर गेम खेलते वक्त मोबाइल फटने से एक मासूम बुरी तरह झुलस गया। जिससे 13 वर्षीय मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी परिजनों को लगी तो अफरा-तफरी का माहौल हो गया और घर पर लोगों की भीड़ लग गई।

गेम खलेते वक्त फटा मोबाइल, किशोर घायल
दरअसल, यह घटना यूपी के जनपद मथुरा के मेवाती मोहल्ले में एक 13 वर्षीय युवक के साथ घटी। उसके पिता मोहम्मद जावेद ने जानकारी देते बताया कि उनके पास एक एमआई (MI) कंपनी का मोबाइल फ़ोन है जो उन्होंने अपने बेटे को उसकी पढाई के लिए हुआ है। उनका बेटा उस मोबाइल पर गेम खेल रहा था। तभी अचानक कमरे से कुछ तेज धमाके जैसी आवाज आई। उन्होंने फ़ौरन जाकर देखा तो मासूम घायल अवस्था में बेड पर पड़ा हुआ था। उसके कपडे जले हुए थे और सीने पर भी घाव दिख रहे थे। यह सब देख पहले तो उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर यहाँ हुआ क्या है। जब नजर घुमा कर चारो तरफ देखा तो पाया कि कमरे के एक कोने में मोबाइल भी टूटा फूटा पड़ा है।

डॉक्टर ने लगाई फटकार
यह दृश्य देख उन्हें समझ आ गया कि मोबाइल फटने से बच्चा घायल हुआ है। किशोर के पिता उसे फ़ौरन ही हॉस्पिटल ले गए जहाँ उसका उचार किया जा रहा है। साथ ही आपको बता दें कि डॉक्टर ने इलाज के दौरान बच्चों के माँ बाप की भी जमकर क्लास लगाई और कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल बच्चो के लिए एक हद से ज्यादा खतरनाक होता है। आप लोग उनके माता पिता हैं और आपका फर्ज है इस बात का ध्यान रखना।
वहीं दूसरी ओर माँ बाप का कहना है कि आजकल सारी पढाई और खेल कूद सब कुछ ऑनलाइन हो गया है। ऐसे में बच्चे को मोबाइल देना मजबूरी बन गया है। और 24 घंटे नजर भी नहीं रखी जा सकती अन्यथा जयदा रोक टोक करने से बच्चे को मानसिक तनाव हो सकता है। इसलिए थोड़ी छूट देनी पड़ती है।

कई जगह हो चुकी है मोबाइल फटने की घटना
स्मार्टफोन की दुनिया में जैसे ही सब ठीक नजर आता है, तभी बैटरी फटने की खबरें सामने आ जाती हैं. बीते 9 सितंबर को MD Talk YT नाम के एक यूट्यूबर ने ट्वीट करके बताया कि Redmi 6A के ब्लास्ट होने से उनकी आंटी की मौत हो गई। ये खबर अभी ठंडी ही नहीं हुई थी कि दूसरी दर्दनाक खबर उत्तर प्रदेश के बरेली से आई, जिसमें एक आठ साल की बच्ची की मौत हो गई। खबर के मुताबिक, चार्जिंग के दौरान ही अचानक तेज धमाके के साथ मोबाइल फट गया और बिस्तर पर जा गिरा, जिस कारण बिस्तर में आग लग गई. आखिर ऐसा क्या होता है, जो मोबाइल फोन ब्लास्ट के मामले सामने आते रहते हैं?

स्मार्टफोन फटते क्यों हैं?
ज़्यादातर मामलों में मोबाइल फ़ोन के फटने की वजह बैटरी होती है. फ़ोन के गिरने या अन्य वजहों से कई बार बैटरी में लीकेज हो सकती है, जो बाद में फोन चार्ज करने पर आग पकड़ सकती है. बैटरी कई सारे सेल्स को जोड़कर बनती है. यही बैटरी जब पुरानी हो जाती है, तो कई बार सेल्स के बीच की लेयर टूट जाती है और बैटरी फूल जाती है. इससे शॉर्ट सर्किट होकर बैटरी के फटने की आशंका पैदा हो जाती है.
दूसरा कारण है हीट. हालांकि इसका किसी जगह के मौसम से कोई सीधा लेना-देना नहीं है, बल्कि किसी वजह से बैटरी का तापमान बढ़ जाने से है. उदाहरण के लिए अगर फोन बहुत देर तक कार के बोनट पर रखा रहे, तो वो गर्म हो जाता है. कई सारे स्मार्टफोन में बाकायदा इसके लिए मैसेज भी शो होता है. तापमान बढ़ गया है. अब थोड़ा ठंड रखो. बैटरी अगर ज़्यादा गर्म है, तो समझ लीजिए फटने के चांस बहुत ही ज़्यादा हैं

फोन को फटने से कैसे बचाएं
स्मार्टफोन को रातभर चार्जिंग पर लगाकर नहीं छोड़ना चाहिए. इस आदत से डिवाइस की बैटरी खराब हो सकती है। वैसे आजकल बहुत सारे स्मार्टफोन ऐसे फीचर्स के साथ आते हैं, जो एक निश्चित पॉइंट पर चार्जिंग स्टॉप कर देते हैं। लेकिन ऐसा अभी सिर्फ कुछ स्मार्टफोन में ही होता है। इसलिए ठीक रहेगा कि हर मोबाइल फोन को रात भर चार्ज ना किया जाए। ध्यान रहे तकिया वग़ैरह के नीचे फ़ोन रखकर कभी मत सोइए।
हमेशा अपने स्मार्टफोन के साथ आए हुए ओरिजनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें. अगर चार्जिंग के लिए कोई दूसरा चार्जर और केबल इस्तेमाल करते हैं, तो वो अच्छी क्वालिटी का और संबंधित कंपनी से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।

सावधानी ही इलाज
कई लोग फ़ोन को चार्जिंग पर लगाकर गेम खेलते हैं और कुछ कॉल करते हैं। दोनों ही ख़तरनाक हैं, कॉलिंग इन्फ़्रारेड तरंगों की मदद से होती है, जो गर्म मिज़ाज की होती हैं। फ़ोन चार्जिंग पर लगाकर कॉल करने पर डबल गर्मी पैदा होती है। ऐसे ही गेम खेलने से प्रॉसेसर गर्म होता है और चार्ज पर लगे होने से बैटरी भी गर्म होने लगती है।
मोबाइल फोन ब्लास्ट को लेकर 'जितने मुंह उतनी बातें' जैसा हाल है। हर कोई अपने हिसाब से कारण गिनाता है। स्मार्टफोन मेकर्स तो इसके लिए बाकायदा काउंटर भी देते हैं। जैसे हम तो सारे टेस्ट करते हैं, फलाना स्टैंडर्ड फॉलो करते हैं, वग़ैरह-वग़ैरह। इसलिए बेहतर यही होगा कि आप सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें।












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