जब 50 फ़ीट ऊंचे चंदन की लकड़ी के रथ पर निकले भगवान रंगनाथ, DM पुलकित खरे ने भी पकड़ी आस्था की डोर
50 फीट ऊंचे चंदन की लकड़ी से बने इस विशालकाय रथ को लाखों श्रद्धालुओं समेत डीएम पुलकित खरे और एसएसपी मथुरा शैलेश पांडेय ने भी आस्था की डोर से खींचा। इस रथ यात्रा में करीब 2 लाख भक्तों की मौजूदगी का अनुमान है।

वृंदावन में आयोजित 10 दिवसीय ब्रह्मोत्सव और रथ मेले में आज लाखों की संख्या में भक्त उमड़ पड़े। 50 फीट ऊंचे चंदन की लकड़ी से बने विशालकाय रथ पर आरूढ़ होकर भगवान रंगनाथ (विष्णु जी) माता गोदा ( लक्ष्मी जी) भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। इस दौरान कोई रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहा है तो कोई मेले में मौजूद हाथी राजा के साथ सेल्फी ले रहा है। वहीं आज इस कार्यक्रम में डीएम पुलकित खरे और एसएसपी मथुरा शैलेश पांडेय ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और रथ भी खींचा।

चंदन की लकड़ी से निर्मित विशालकाय रथ
इस बार दक्षिण भारतीय शैली के विशालतम श्री रंगनाथ मंदिर में 10 मार्च से 19 मार्च तक यह 10 दिवसीय ब्रह्म उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत आज ठाकुर जी चंदन की लकड़ी से निर्मित विशालकाय रथ पर सवार होकर नगर भृमण को निकले। इस दौरान दूर दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डोर से रथ को खींचकर एवं अपने आराध्य देव के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।

सड़को पर चहुंओर आस्था का सैलाब
इससे पूर्व वैदिक परंपरा अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में भगवान के श्री विग्रहों को दिव्य आकर्षक रथ में विराजमान कराया गया । पूजा प्रक्रिया के बाद रथ की सवारी चुंगी चौराहा होते हुए बड़े बगीचा पहुंची। इस बीच विशालकाय रथ व ठाकुरजी को निहारने के लिए श्रद्धालु लालायित नजर आए। सड़को पर चहुंओर आस्था का सैलाब उमड़ा दिखाई दिया। वही कुछ देर विश्राम व आरती के बाद रथ निज मंदिर के लिए रवाना हुआ।

सबसे आगे डीएम पुलकित खरे और एसएसपी शैलेश पांडेय
विदित रहे कि रथ का मेला देखने के लिए जहां स्थानीय लोग वर्ष भर बेसब्री से इंतजार करते हैं वही क़ई प्रांतों के भक्तगण भी यहां मेले से क़ई दिन पहले डेरा जमा लेते हैं। अद्भुत कला से बने इस विशाल रथ को हजारों भक्त खींच रहे हैं। इनमें सबसे आगे डीएम पुलकित खरे और एसएसपी मथुरा शैलेश पांडेय हैं। इस रथ यात्रा में करीब 2 लाख भक्तों की मौजूदगी का अनुमान है।

हांथी के साथ ले रहे सेल्फी
करीब 1200 मीटर की यह यात्रा पूरा करने में लगभग 4 घंटे का समय लगेगा। इसके बाद यहां करीब 1 घंटे तक विश्राम करने के बाद भक्त दोबारा भगवान के रथ को खींचेंगे। भक्त 1200 मीटर रथ को खींच कर वापस रथ घर ले कर पहुंचेंगे। वहीं श्रद्धालु भगवान के दर्शन के साथ साथ मेले में मौजूद हांथी के साथ सेल्फी लेकर भी आनंद उठा रहे है।

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फव्वारा के बीच विराजमान कर दूर की जाएगी भगवान की थकान
रथ यात्रा करने के बाद भगवान की सवारी पालकी में विराजमान कर मंदिर परिसर में स्थित शुक्रवारी बगीचा ले जाई जाएगी। जहां भगवान को रथ यात्रा में हुई थकान को दूर करने के लिए फव्वारों के बीच विराजमान किया जायेगा।












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