खुद को जिंदा साबित करने के लिए गले में तख्ती लटका DM ऑफिस पहुंचे 6 बुजुर्ग, बोले- 'साहब अभी में जिंदा हूं'
महोबा, 27 जुलाई: सरकारी फाइलों में खुद को जिंदा साबित करने के लिए छह बुजुर्ग गले में तख्ती लटकाकर 26 जुलाई को महोबा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। बुजुर्गों की तख्तियों पर लिखा था, 'साहब अभी में जिंदा हूं'। दरअसल, सभी बुजुर्ग खुद को जिंदा साबित करने की गुहार लेकर डीएम ऑफिस पहुंचे थे। आपको बता दें कि सरकारी मशीनरी की गड़बड़ी के चलते इन छह बुजुर्गों को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया है। सरकारी कागजों में मृत दिखाए जाने के बाद इन्हें पिछले डेढ़ वर्षों से वृद्धा पेंशन नहीं मिल पा रही है।
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नहीं दी रिश्वत, इसलिए घोषित किया मृत
डीएम कार्यालय पहुंचे बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि पूर्व सचिव ने रिश्वत न देने पर सरकारी कागजों में उन्हें मृत दर्शा दिया, जिससे उन्हें मिलने वाली वृद्धा पेंशन रुक गई। पेंशन रुकने और आर्थिक तंगी से परेशान सभी गरीबी वृद्धों ने डीएम से मामले की शिकायत की है। आपको बता दें कि यह पूरा मामला महोबा तहसील क्षेत्र के ग्राम पचपहरा का है।
पिछले डेढ़ वर्षों से नहीं आई पेंशन
बुजुर्ग सरमन, गिरजा रानी, कलिया, सुरजी, नंदकिशोर और राकेश रानी सरकार से मिलने वाली वृद्धा पेंशन के सहारे अपना गुजर-बसर करते हैं। लेकिन पिछले डेढ़ वर्षों से इनके खातों में सरकारी पेशन नहीं आ रही। वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिली तो उन्होंने समाज कल्याण विभाग में पता किया, जहां बताया गया कि वे सभी कागजों में मृत हो चुके हैं।
गले में तख्ती लटकाकर पहुंचे डीएम ऑफिस
इस बात से परेशान होकर सभी बुजुर्ग मंगलवार को महोबा डीएम ऑफिस पहुंचे। इस दौरान सभी बुजुर्गों ने लिखित प्रार्थना पत्र के साथ-साथ एक हलफनामा भी डीएम को सौंपा। हलफनामा में बताया कि उनके जिंदा होने के बावजूद भी पूर्व ग्राम विकास अधिकारी ने पेंशन सत्यापन के नाम पर 500 की रिश्वत न देने पर उन्हें मरा हुआ कागजों में दिखा दिया था। जिस कारण उनकी पेंशन आना बंद हो गई।
सीडीओ को डीएम ने सौंपी मामले की जांच
डीएम मनोज कुमार ने बुजुर्ग की पूरी बात सुनी और इस मामले की जांच सीडीओ को सौंप दी। फिलहाल डीएम ने पूरे मामले की जांच के बाद कार्यवाही करने की बात कही है।












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