3 पार्टियां, 6 विभाग: महायुति सरकार में पोर्टफोलियो को लेकर क्यों हो रही जंग?
Maharashtra Mahayuti government: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल के बावजूद महायुति गठबंधन चुनाव परिणाम आने के बाद से कड़ी परीक्षा की घड़ी से गुजर रहा है। चुनाव परिणाम के बाद एकनाथ शिंदे की मुख्यमंत्री पद की डिमांड के कारण पहले ही शपथ ग्रहण 12 दिन देर बार हुआ। वहीं अब सीएम देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में गठित हुई नई महायुति सरकार में तीनों पार्टियों के बीच छह विभागों को हासिल करने को लेकर जंग छिड़ी हुई है!
दरअसल, महायुति में शामिल तीनों पार्टियां चुनाव में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से उत्साहित हैं। जिसमें भाजपा 132, शिवसेना 57 और एनसीपी 41 सीटें जीत हासिल की है और तीनों ही पार्टियां मंत्रालय के बंटवारे में प्रमुख विभागों की मजबूत दावेदार बनकर आमने-सामने खड़ी हो गई हैं। आइए जानते हैं कौन से हैं वो छह मंत्रालय? क्यों ये इतने अहम की महायुति सरकार में शामिल तीनों पार्टियां इनके पोर्टफोलियो को लेकर संघर्ष कर रही हैं?

गृह मंत्रालय
एकनाथ शिंदे गृह मंत्रालय की डिमांड कर रहे हैं लेकिन भाजपा इस विभाग को हर हाल में अपने पास ही रखना चाहती है। इसकी वजह है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार में गृह मंत्रालय ऐसा विभाग है जिस पर सरकार में शामिल हर नेता अपना नियंत्रण रखना चाहता है। मुख्यमंत्री हमेशा अपने पास ये विभाग रखते, इसे नहीं छोड़ते हैं।
इसकी वजह है कि गृह मंत्रालय ही पुलिस विभाग को नियंत्रित करता है। इस वजह से कानून व्यवस्था पर नियंत्रण रहता है। उसके पास अपने निर्वाचन क्षेत्र समेत पूरे राज्य की हर अहम जानकारी सबसे पहले मिलती रहती है। अधिकांश जांच एजेंसियां गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती हैं, जो इस विभाग का अलग आकर्षण होता है। याद कानून और व्यवस्था के मोर्चे पर अच्छा काम किसी राज्य को व्यवसायों और निवेश के लिए आकर्षक बनाने में काफी मददगार रहता है।
वित्त मंत्रालय
वित्त मंत्रालय वो विभाग है जिसकी डिमांड भी सबसे अधिक रहती है। महायुति सरकार के उपमुख्यंत्री अजित पवार इस विभाग पर आंख गड़ाए बैठें हैं पिछली सरकार की तरह इस सरकार में भी वो वित्त मंत्रालय की डिमांड कर रहे हैं।। वित्त मंत्रालय राज्य की आर्थिक रणनीति को आकार देने में अहम रोल निभाता है। महाराष्ट्र जैसे धनवान राज्य के सरकारी खजाने का नियंत्रण वित्त मंत्री के पास होता है। वित्त विभाग किस मद में कितना बजट दिया जाएगा, निधियों का आवंटन में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा अंतर विभागीय बैठकें आयोजित करने का विशेष अधिकार रखता है। सरकार के अंतर्गत आने वाले सभी विभागों को बजट आवंटन, योनजाओं के लिए धन आवंटन वित्त विभाग के कंट्रोल में होता है।
राजस्व विभाग
राजस्व विभाग भी मंत्रियों के सबसे पसंदीदा विभागों में एक है। ये विभाग भूमि रिकॉर्ड, रेत उत्खनन रिकॉर्ड, स्टांप शुल्क संग्रह ये विभाग सभी की देखरेख करता है।। इस विभाग का प्रभाव नौकरशाही तंत्र और आकर्षक रियल एस्टेट बाजार में गहराई तक फैला हुआ है। नौकरशाही, विशेष रूप से जिला कलेक्टरों पर सबसे अधिक शक्ति रख सकता है। पिछली सरकार में ये विभाग भाजपा के पास था।
शहरी विकास
शहरी विकास विभाग महाराष्ट्र के शहरी क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे और विकास परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, नगर निगमों के भीतर गतिविधियों और नियोजन की देखरेख करता है। यह विभाग राज्य के शहरी विकास एजेंडे के प्रबंधन में एक प्रमुख खिलाड़ी है, जो बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी), मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और शहर और औद्योगिक विकास निगम जैसे महत्वपूर्ण संगठनों पर नियंत्रण रखता है। इसके व्यापक अधिदेश में शहर विकास योजनाओं की तैयारी और क्रियान्वयन और विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूखंडों का रणनीतिक आवंटन, शहरी सीमाओं का कुशल विस्तार और परिसीमन सुनिश्चित करना शामिल है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए विभाग ने 31,082 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो महाराष्ट्र के कुल राज्य व्यय का 5.66% है। महाराष्ट्र में बीएमसी सहित अधिकांश नगर निगमों के चुनाव होने के कारण, कोई भी पार्टी इसे नियंत्रित करने का मौका नहीं छोड़ना चाहती है।
आवास मंत्रालय
महाराष्ट्र का शहरी आवास मंत्रालय जिसका अधिकार क्षेत्र धारावी पुनर्विकास परियोजना जैसे महत्वपूर्ण रियल एस्टेट उपक्रमों पर है, बहुत अधिक आर्थिक और रणनीतिक महत्व रखता है, जो आवास बाजार को प्रभावित करने और शहरी विकास को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है।
सिंचाई विभाग
सिंचाई विभाग का एक बड़ा बजट और महत्वपूर्ण जल प्रबंधन परियोजनाओं पर नियंत्रण इसे कृषि विकास और किसान समर्थन के केंद्र में रखता है। यह ग्रामीण और कृषक समुदायों के बीच अपने समर्थन आधार को मजबूत करने में अहम रोल निभाता है। 2024-25 के लिए सिंचाई मंत्रालय के बजट में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ये विभाग परियोजनाओं के लिए बजट का लाभकारी उपयोग किसी भी पार्टी को किसानों के बीच अपना आधार बनाने में मदद कर सकता है, जो राज्य में एक प्रभावशाली वोट बैंक हैं।












Click it and Unblock the Notifications