35 फीट की शिवाजी का स्टेच्यू बनाने वाले कौन हैं मूर्तिकार जयदीप आप्टे? कैसे मिला था इतना बड़ा प्रोजेक्ट
Chhatrapati Shivaji statue collapsed case: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने के बाद से महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। विपक्षी दल इस घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) समेत अन्य विपक्ष दलों ने इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा हुआ है।
सिद्धदुर्ग में lछत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फीट ऊंची मूर्ति गिरने के बाद, इसे बनाने वाले जयदीप आप्टे को इतना बड़ा प्रोजेक्ट का काम क्यों दिया गया? इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस ने जयदीप आप्टे और केतन पाटिल को अरेस्ट कर लिया है।

पीएम मोदी ने किया था उद्धाटन
बता दें शिवाजी की 35 फीट की मूर्ति को नौसेना दिवस के अवसर पर सिद्धदुर्ग के राजकोट किले में स्थापित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने 4 दिसंबर, 2023 ने इसका अनावरण किया था।
अगस्त महीने में ढह गई शिवाजी की विशालकाय मूर्ति
दिसंबर 2023 को इस मूर्ति का अनावरण हुआ था और एक साल भी नहीं पूरे हुए कि कास्य से बनी शिवाजी की विशालकाय मूर्ति अगस्त 2024 को धराशायी हो गई।
मूर्तिकार जयदीप आप्टे को मिला था ये प्रोजेक्ट
इस मूर्ति के निर्माण का प्रोजेक्ट मूर्तिकार जयदीप आप्टे के स्वामित्व वाली मेसर्स आर्टिस्ट्री को दिया गया था, जिसमें डिजाइन सलाहकार केतन पाटिल भी शामिल थे।
जयदीप आप्टे कौन हैं?
जयदीप आप्टे की उम्र महज 25 वर्ष है और वो मेसर्स आर्टिस्ट्री कंपनी के मालिक हैं। मुंबई के कल्याण में रहने वाले जगदीप जब 8वीं कक्षा में पढ़ रहे थे तब उन्होंने अपनी मूर्तिकला को आगे बढ़ाने का फैसला किया और 10वीं कक्षा तक सुभेदार वाडा हाई स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने रहेजा स्कूल ऑफ आर्ट से कमर्शियल आर्ट में डिग्री हासिल की और जेजे स्कूल ऑफ आर्ट से मूर्तिकला में डिप्लोमा पूरा किया।
मूर्तिकार ने क्या बनाई थी इससे पहले इतनी बड़ी मूर्ति?
आप्टे ने शिवाजी महाराज की 35 फीट ऊंची मूर्ति बनाने से पहले इतनी बड़ी मूर्ति बनाने का अनुभव नहीं था। आप्टे ने इससे पहलिे केवल डेढ़ से ढाई फीट ऊंची मूर्तियां ही बनाई थीं।
किसकी कृपा पर मिला मूर्तिकार आप्टे को इतना बड़ा प्रोजेक्ट?
मूर्ति की की देखभाल और रखरखाव का जिम्मा भारतीय नौसेना के पास था। इतने कम अनुभव मूर्तिकार आप्टे को नौसेना ने ये प्रोजेक्ट क्यों दिया इस पर सवाल उठा रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) मुखपत्र सामना प्रकाशित एक रिपोर्ट की माने तो मूर्तिकार जगदीप आप्टे सीएम शिंदे के बेटे और स्थानीय सांसद श्रीकांत शिंदे से परिचित हैं। रिपोर्ट में यह दावा किया गया किआप्टे को इतनी बड़ी मूर्तियाँ बनाने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। याद रहे सामना विपक्षी नेता उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना का है।
इनके कम समय में आप्टे ने बना डाली थी 35 फीट की कास्य प्रतिमा
सिद्धदुर्ग में शिवाजी महाराज की 35 फीट की मूर्ति का जब पीएम मोदी ने अनवारण किया था तब जयदीप आप्टे ने खुद ये बात कही थी कि इतनी बड़ी कांस्य मूर्ति बनाने में कम से कम तीन साल का समय लगता है लेकिन मैंने 7 महीनों के अंदर ये स्टैच्यू बना डाला। शिवाजी की मूर्ति बनाने का काम जून 2023 में आप्टे ने शुरू किया था और दिसंबर 2023 तक पूरा कर लिया था। रिपोर्ट की माने तो जगदीप आप्टे ने छत्रपति शिवाजी की मूर्ति बनाने के लिए 3D तकनीक का इस्तेमाल किया।












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