'हारने के बावजूद मुझे 20 करोड़ रुपये मिले', कौन हैं सदा सरवणकर, कितने अमीर? जिनके बयान पर फंसी फडणवीस सरकार
Who is Sada Sarwankar: शिवसेना नेता और पूर्व विधायक सदा सरवणकर के एक हालिया बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। उन्होंने दावा किया है कि जहां मौजूदा विधायक राज्य सरकार से 2 करोड़ रुपये का फंड ला पाते हैं, वहीं एक पूर्व विधायक होने के बावजूद उन्हें 20 करोड़ रुपये मिलते हैं। सरवणकर के इस बयान पर सत्ताधारी फडणवीस सरकार बुरी तरह फंस चुकी है। विपक्षी दलों के बीच विकास फंड के वितरण को लेकर एक बार सरकार पर हमला बोल दिया है।
सरवणकर के इस बयान को महिम सीट पर हार के बावजूद उन्हें मिल रहे विकास फंड से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, "मैं चुनाव हार गया, लेकिन मेरी नेतृत्व टीम, जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शामिल हैं, ने मेरा पूरा समर्थन किया। जहां वर्तमान विधायक 2 करोड़ रुपये ही ला पाते हैं, वहीं मुझे हारने के बावजूद 20 करोड़ रुपये मिले। मैं आज भी कई परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहा हूं।"

कौन हैं सदा सरवणकर?
- सदा सरवणकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के दिग्गज नेता हैं। वे माहिम विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं, उन्होंने 2014 और 2019 के विधानसभा चुनावों में यह सीट जीती थी।
- महिम सीट पर लगातार तीन बार विधायक रहे थे, लेकिन पिछले 2023 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्हें शिवसेना (यूबीटी) के महेश सावंत से हार का सामना करना पड़ा था।
- 2024 के चुनावों के दौरान, सदा सरवणकर के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को उम्मीदवार बनाया गया, जिससे माहिम सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया था।
- नवंबर 2023 में, सदा सरवणकर को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जब उन्हें श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

कितनी संपत्ति के मालिक हैं सदा सरवणकर?
चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उम्मीदवार की कुल घोषित संपत्ति ₹8.6 करोड़ है। इसमें चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं। चल संपत्तियों का मूल्य लगभग ₹4.6 करोड़ है। वहीं, अचल संपत्तियों का मूल्य करीब ₹4.0 करोड़ बताया गया है। घोषित देनदारियां (कर्ज या बकाया) लगभग ₹12 लाख हैं, जिसे ₹0.12 करोड़ भी कहा जा सकता है।
उद्वव की शिवसेना के विधायक ने सरवणकर का बताया खलनायक
सरवणकर के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) विधायक महेश सावंत ने सदा सरवणकर को "इस निर्वाचन क्षेत्र का कलंक और खलनायक" कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे की शिवसेना ने उन्हें पहचान दी, लेकिन उन्होंने पैसे के लालच में पार्टी को तोड़ने की कोशिश की। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सावंत ने दावा किया कि शिवसेना के विभाजन के बाद पिछले ढाई सालों में सरवणकर को 45 करोड़ से 60 करोड़ रुपये तक का फंड मिला होगा।
फंड कहां गया? उद्धव की शिवसेना करवाएगी जांच
सावंत ने यह भी कहा कि वे बीएमसी और म्हाडा को आरटीआई भेजकर पता लगाएंगे कि यह पैसा कहां गया और सदा सरवणकर को कितनी राशि मिली। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिवसेना (यूबीटी) के विधायकों को सरकार से विकास फंड नहीं मिल रहा है। सावंत ने कहा, "हम जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं, और जनता के लिए काम करना हमारा कर्तव्य है।"
विपक्षी विधायकों को मिलने वाले फंड में इतना बड़ा अंतर क्यों है?
महेश सावंत ने कहा कि कल जिले की योजना समिति की बैठक में संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे से सवाल करेंगे कि सत्ताधारी और विपक्षी विधायकों को मिलने वाले फंड में इतना बड़ा अंतर क्यों है। उन्होंने बताया कि जहां एक मौजूदा विधायक को 5 करोड़ रुपये का क्षेत्र विकास फंड मिलता है, वहीं सदा सरवणकर को इससे चार गुना अधिक राशि मिली है।
सावंत ने इस असमानता पर आपत्ति जताते हुए कहा, "विपक्ष और सत्ताधारी दल के विधायकों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।" उनके इस बयान से फंड वितरण में पारदर्शिता और समानता की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है।












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