कौन है ये MBBS स्टूडेंट Aryan Loliyekar? इंडिगो फ्लाइट में मिड एयर देवदूत बनकर शख्स की बचाई जान
Medical student saved life in flight: मुंबई-गोवा इंडिगो की फ्लाइट में अचानक एक यात्री की सांसें थमने लगीं और केबिन में अफरा-तफरी मच गई तभी एक मेडिकल स्टूडेंट ने बिना एक पल गंवाए जिम्मेदारी संभाली-और अपनी सूझबूझ से मौत के मुहाने से एक यात्री की जिंदगी को खींच लाया और उनकी जान बचा ली।
जमीन से हजारों फीट ऊपर आसमान में उड़ रही फ्लाइट में देवदूत बने एमबीबीएस स्टूडेंट की जमकर तारीफ हो रही है। जानिए पूरा वाकया क्या है और कौन है ये मेडिकल स्टूडेंट?

मिड एयर फ्लाइल में यात्री हो गया बेहोश
दरअसल, गोवा के दाबोलीम हवाई अड्डे से दोपहर 3:50 बजे मुंबई के लिए इंडिगो फ्लाइट ने उड़ान भरी। जब हजारों किलोमीटर ऊपर आसमान में फ्लाइट पहुंची तो एक यात्री को सांस लेने में कठिनाई महसूस होने लगी। देखते ही देखते उसकी स्थिति गंभीर हो गई और वह बेहोश हो गया।
यात्री के बेहोश होते ही मुंबई-गोवा इंडिगो फ्लाइट में यात्री दहशत में आ गए, स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए, क्रू मेंबर ने एनाउंसमेंट कर पूछा कि "क्या विमान में कोई डॉक्टर है?" कोई डॉक्टर मौजूद न होने पर, एमबीबीएस स्टूडेंट आगे आया और यात्री की जान बचाई।
अचानक यात्री क्यों हुआ बेहोश?
आर्यन लोलयेकर नाम के स्टूडेंट ने बेहोश यात्री का चेकअप किया और पाया कि यात्री के बल्ड में शुगर का लेबल बेहद कम हो गया है और उसकी हार्टबीट भी तेजी से धीमी पड़ रही थी, जिससे वह ग्लूकोज की कमी से जूझ रहा था। हजारों फीट की ऊंचाई पर ऑक्सीजन कम होने के कारण यह स्थिति यात्री के लिए प्राणघातक साबित हो सकती थी।
मेडिकल स्टूडेंट ने कैसे बचाई यात्री की जान?
आर्यन ने बिना समय गंवाए तुरंत प्राथमिक चिकित्सा शुरू किया। उन्होंने विमान में उपलब्ध इमरजेंसी ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग किया और यात्री को कृत्रिम श्वसन (Artificial Respiration) दिया, साथ ही उसकी नाड़ी की निगरानी की। मेडिकल स्टूडेंट के तुरंत किए गए प्रयासों से कुछ ही समय में यात्री की हालत में सुधार हुआ और वह स्थिर हो गया।
यात्रियों ने ताली बजाकर जताया आभार
मरीज के ठीक होते ही फ्लाइट के बाकी यात्रियों और इंडिगो एयरलाइन्स ने आर्यन की तारीफ में जोरदार तालियां बजाईं और आभार व्यक्त किया।लगभग 45 मिनट के सफर के बाद, विमान मुंबई हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया। वहां, इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाई और बेहोश हुए यात्री को आगे के विशेष इलाज के लिए तेजी से अस्पताल पहुंचाया। एक होनहार भावी डॉक्टर के रूप में अपनी ड्यूटी को बखूबी और प्रभावी ढंग से निभाने के लिए आर्यन को प्रशंसा मिल रही है।
कौन हैं ये MBBS स्टूडेंट, जो बना देवदूत?
आर्यन लोलियेकर वेदान्ता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज दहानु में एमबीबीएस फाइलन इयर की पढ़ाई कर रहे हैं।इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आर्यन लोलयेकर ने बताया, "यात्री की हालत देखकर एक पल को डर लगा, लेकिन मेरी मेडिकल शिक्षा ने मुझे हिम्मत दी। अगर मरीज को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो स्थिति बहुत गंभीर हो सकती थी। एक जान बचाने में सक्षम होने का संतोष बहुत बड़ा है।"












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