Waqf Bill: "उद्धव ठाकरे मुस्लिम हृदय सम्राट', संजय निरुपम ने शिवसेना (UTB ) प्रमुख पर लगाया ये बड़ा आरोप
Waqf Bill: लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक विपक्ष के तमाम विरोध के बावजूद पास हो चुका है। वक्फ बिल पारित होने के बाद महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाया है।
संजय निरुपम ने आरोप लगाया है कि लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के खिलाफ वोट डालने के लिए उद्धव ठाकरे ने अपनी शिवसेना यूबीटी पर दबाव डाला है।

संजय ने कहा "शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने लोकसभा सांसदों से संपर्क किया। उन्हें पांच बार बुलाया और वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ मतदान करने का निर्देश दिया। इस कारण शिवसेना-यूबीटी सदस्यों को पार्टी द्वारा जारी व्हिप के कारण विधेयक के खिलाफ मतदान करना पड़ा।"
सांसदों को बुलाकर दिया गया निर्देश
संजय निरुपम ने दावा किया किया कि "मुंबई दक्षिण के सांसद अरविंद सावंत और मुंबई दक्षिण सेंट्रल के सांसद अनिल देसाई समेत शिवसेना यूबीटी के 7 सासदों को बुलाया गया और उन्हें वक्फ विल के खिलाफ वोट डालने का निर्देश दिया गया।"
"उद्धव ठाकरे मुस्लिम हृदय सम्राट"
इसके साथ ही संजय निरुपम ने वक्फ बिल पर उद्धव ठाकरे के रुख पर भी तीखी टिप्पणी की और उन्हें "मुस्लिम हृदय सम्राट" करार दिया, जो ऐतिहासिक रूप से बालासाहेब ठाकरे को दिए गए "हिंदू हृदय सम्राट" के शीर्षक का बिलकुल उल्टा है।
उद्धव ठाकरे ने की थी प्रेस कान्फ्रेंस
शिवसेना नेता ने कहा " ये आरोप प्रतिद्वंद्वी गुट के नेता उद्धव ठाकरे द्वारा गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद लगाया गया है। जिसमें ठाकरे ने वक्फ (संशोधन) विधेयक के पीछे "धोखाधड़ी" के इरादे के लिए भाजपा की आलोचना की थी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की खुलकर आलोचना की, और कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक भाजपा द्वारा वक्फ भूमि का दुरुपयोग करने का एक छिपा हुआ प्रयास है।"
उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर लगाए ये आरोप
उद्धव ठाकरे ने विरोध जताते हुए कहा "आपकी नज़र वक्फ भूमि पर है, लेकिन मंदिर ट्रस्ट, चर्च और गुरुद्वारों के पास भी ज़मीन है। आपकी नज़र हम पर (हिंदू मंदिरों की ज़मीन पर) भी हो सकती है। बिल सिर्फ़ ज़मीन के लिए लाया गया था। हमने इस दिखावे का विरोध किया है।"
बावनकुले ने उद्धव ठाकरे की निंदा की
वहीं भाजपा के महाराष्ट्र प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने बालासाहेब ठाकरे द्वारा निर्धारित सिद्धांतों से भटकने के लिए ठाकरे की निंदा की, और भविष्यवाणी की कि "वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ उनका वोट एक बड़ी भूल थी। उनके गुट के लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं और अगले एक साल में शिवसेना (यूबीटी) के पास कोई नहीं बचेगा।"
श्रीकांत शिंदे बोले- 'बाला साहेब होते तो उन्हें बहुत दुख होता'
शिवसेना (यूबीटी) द्वारा विधेयक का विरोध किए जाने के बाद, शिवसेना के एक अन्य नेता श्रीकांत शिंदे ने पार्टी के बालासाहेब ठाकरे के आदर्शों से भटकाव के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा "उनके पास अपनी गलतियों को सुधारने, अपने इतिहास को फिर से लिखने और अपनी विचारधारा को जीवित रखने का सुनहरा अवसर था। लेकिन यूबीटी ने पहले ही उनकी विचारधारा को कुचल दिया। अगर बालासाहेब आज यहां होते और यूबीटी के असहमति नोट को पढ़ते, तो उन्हें बहुत दुख होता।"












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