Sunetra Pawar ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, खाली सीट पर पार्थ या जय में से किसे मिलेगा मौका?
Sunetra Pawar Deputy CM: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद उथल पुथल का दौर जारी है। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला हो चुका है। उन्होंने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा भी दे दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी खाली हुई राज्यसभा सीट पर पवार परिवार से कौन संसद पहुंचेगा पार्थ पवार या जय पवार?
सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा पार्थ पवार के नाम की हो रही है। पार्थ पहले भी चुनावी राजनीति में हाथ आजमा चुके हैं। वह लगातार संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। बारामती समेत पश्चिम महाराष्ट्र में उनका जनसंपर्क मजबूत माना जाता है। उन्हें युवा चेहरे के तौर पर भेजा जा सकता है।

Sunetra Pawar चुनी गईं NCP विधायक दल की नेता
अजित पवार के निधन के बाद विधायकों की बैठक बुलाई गई थी जिसमें सर्व-सहमति से सुनेत्रा पवार को नेता चुना गया है। डिप्टी सीएम रहते हुए वह राज्यसभा की सांसद नहीं रह सकती हैं। इसलिए उन्होंने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है। एनसीपी के विलय की खबरें भी चल रही हैं, लेकिन अब तक इस पर औपचारिक मुहर नहीं लगी है। हालांकि, आने वाले कुछ महीने प्रदेश की राजनीति के लिए बहुत अहम रहने वाले हैं।
Parth Pawar जा सकते हैं राज्यसभा
- सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि अजित पवार खुद चाहते थे कि उनका एक बेटा दिल्ली की राजनीति में एक्टिव रहे।
- महाराष्ट्र की मावल सीट से 2019 में पार्थ लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें हार मिली थी। हालांकि, वह बारामती में काफी सक्रिय रहते हैं और लंबे समय से अपने पिता के साथ संगठन का काम देखते रहे हैं।
- एनसीपी से जुड़े करीबी लोगों का भी कहना है कि पार्थ पवार को प्रदेश की राजनीति में काम करने का अनुभव है। उनके ऊपर अब दिल्ली से लेकर मुंबई तक पार्टी को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी रहेगी।
जय पवार के पास अनुभव की कमी
अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार भी पारिवारिक राजनीतिक विरासत के अहम हिस्सेदार माने जाते हैं। हालांकि, वे अब तक प्रत्यक्ष चुनावी राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं। पार्टी के भीतर रणनीतिक बैठकों और सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जय के नाम को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। फिलहाल सबकी नजरें एनसीपी नेतृत्व और सुनेत्रा पवार के रुख पर टिकी हैं। सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम पद संभालते ही राज्यसभा सीट को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। यह फैसला महाराष्ट्र की भविष्य की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।












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