'हमारे पीएम चीफ जस्टिस के साथ खाते हैं लड्डू', मानहानि केस में बेल मिलने के बाद बोले संजय राउत
Sanjay Raut News: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत को मुंबई की एक कोर्ट ने गुरुवार को मानहानि केस में 15 दिन की जेल की सजा सुनाई। हालांकि कोर्ट के आदेश के खिलाफ संजय राउत की अपील पर तुरंत मझगांव मेट्रोपोलिटिन मैजिस्ट्रेट कोर्ट से बेल मिल गई है।
कोर्ट से बेल मिलने के बाद संजय राउत ने मानहानि केस में उनके खिलाफ कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा और जुर्माने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए न्याायिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे तंज कसा है।

संजय राउत ने दी ये प्रतिक्रिया
कोर्ट द्वारा मानहानि केस में सुनाए गए फैसले पर मीडिया से बात करते हुए कहा "आप मुझे कितनी भी सजा सुना दें, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।उन्होंने कहा आप सब कोर्ट का आदेश पढि़ए कोर्ट ने यह नहीं कहा है कि मैंने कुछ गलत कहा है। कोर्ट ने कहा ये जनहित में कहा है लेकिन जो आदमी टीवी पर नंगा घूमता है उसकी पत्नी को लगता है कि उसको वेदना हुई है...
पीएम चीफ जस्टिस के घर लड्डू खाने जाते हैं...
संजय राउत ने कहा ये किसी को सज़ा नहीं हुई है। यह पूरी न्याय व्यवस्था 'संघीकरण' हो गया है। हमारे प्रधानमंत्री चीफ जस्टिस के घर लड्डू खाने जाते हैं, ये पूरा देश देखता है। हम जैसे लड़ने वाले लोगों को कहां न्याय मिलेगा, हमें तो सजा मिलेगी।''
भाजपा नेता की पत्नी ने संजय राउत पर किया था मानहानि केस
बता दें भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी डॉ मेधा किरीट सोमैया ने संजय राउत के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था। 2022 में संजय राहत ने शिवसेना के सामना में एक लेख लिखा था जिसमें उन्होंने भाजपा नेता और उनकीपत्नी मेधा सोमैया को 100 करोड़ के शौचालय निर्माण से संबंधी भ्रष्टाचार के मामले में शामिल बताया था।
संजय राउत को 15 दिन की जेल की सजा, फिर मिली जमानत
भाजपा नेता की पत्नी ने संजय राउत के खिलाफ अपराधिक मानहानि का केस दर्ज किया था। जिस पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए मुंबई की एक अदालत ने संजय राउत को 15 दिन की जेल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। हालांकि इसके बाद सांसद संजय राउत को दूसरी कोर्ट से आज ही जमानत मिल गई।
#WATCH मुंबई: शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा, ".. आप मुझे कितनी भी सज़ा दें, मुझे कोई दिक्कत नहीं है। आप कोर्ट का आदेश पढ़िए, कोर्ट ने ये नहीं कहा है कि मैंने कुछ गलत कहा है, कोर्ट ने कहा है कि ये जनहित में है...किसी को सज़ा नहीं हुई है। यह पूरी न्याय व्यवस्था 'संघीकरण' हो… pic.twitter.com/ajkpQCvTZ1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 26, 2024












Click it and Unblock the Notifications