महाराष्ट्र: दशहरा रैली से पहले बवाल,ठाकरे गुट की महिलाओं ने गंदे इशारे कर रहे शिंदे समर्थकों को पीटा
मुंबई, 05 अक्टूबर: महाराष्ट्र में सत्ता से बाहर होने के बाद पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे दशहरा रैली का आयोजन कर रहे हैं। वहीं शिवसेना से अलग हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी दशहरा रैली का आयोजन कर रहे हैं। पार्टी में दो गुट बनने के बाद कार्यकर्ताओं के बीच टकराव देखने को मिल रहा है। दशहरा के मौके पर ठाकरे गुट और शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की खबर सामने आई है। रैली को देखते हुए शहर में कड़े इंतजाम किए गए है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला नासिक आगरा हाईवे पर स्थित इगतपुरी-कसरा शिवारा में हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बस से जा रहे ठाकरे गुट के समर्थकों को शिंदे गुट के समर्थकों ने बोलेरो से ओवरटेक किया। ठाकरे गुट का आरोप है कि, बस को ओवरटेक करने के दौरान शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने महिलाओं की ओर गंदे इशारे किए। जिसके बाद महिला कार्यकर्ताओं ने कार को रोककर शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी।
बस में सवास ठाकरे गुट के कार्यकर्ता नासिक से मुंबई रैली में शामिल होने जा रहे थे। दोनों गुटों के बीच हुए इस विवाद के चलते मौके पर काफी हंगामा हुआ। हालांकि बाद में शिंदे गुट के कार्यकर्ता मौके से निकल गए। दोनों नेताओं के अलग-अलग दशहरा रैली को देखते हुए मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।जहां उद्धव ठाकरे की टीम शिवाजी पार्क में दशहरा रैली करेगी, वहीं सीएम शिंदे का धड़ा बॉम्बे कुर्ला कॉम्प्लेक्स के एमएमआरडीए मैदान में रैली कर रही है।
56 साल पहले शिवसेना की स्थापना के बाद से यह पहली बार होगा जब मुंबई में दो दशहरा रैलियां आयोजित की जाएंगी। जून में सरकार बदलने के बाद इन रैलियों को दोनों गुटों के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। बीकेसी के एमएमआरडीए मैदान में सीएम एकनाथ शिंदे की दशहरा रैली के लिए मंच के सामने 51 फीट की तलवार प्रदर्शित की गई है।
एकनाथ शिंदे खेमे के करीबी सूत्रों की मानें तो राज्य भर से करीब 2 लाख से अधिक शिवसेना समर्थक बीकेसी में दशहरा रैली में शामिल होंगे। शिवसेना समर्थकों के लिए ठाणे में लगभग 2.5 लाख फूड पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। इस पैकेट में ढापटे (एक मराठी व्यंजन), कचौरी और गुलाब जामुन होंगे। वहीं उद्धव ठाकरे ने मुंबई के 227 वार्डों में से प्रत्येक वार्ड से 4 बसों से कार्यकर्ताओं को लाने का जिम्मा अपने सभी विभाग प्रमुखों (जोनल प्रमुखों) को सौंपा है। उद्धव खेमे ने इस साल सिर्फ मुंबई से ही लगभग 50 हजार पार्टी कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा है।












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