Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे पर हमले से भड़के संजय राउत, कहा-'ऐसी हरकतों के परिणाम गंभीर होंगे'
Maharashtra Politics: शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के काफिले पर रात में हमला हुआ। गोबर और चूड़ियां फेंकी गईं। इस घटना पर संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हमलावरों को ऐसी हरकतें दोबारा न करने की चेतावनी दी और कहा कि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए उद्धव ठाकरे के काफिले पर हुए हमले को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर काफिले पर चुपके से हमला किया गया है। क्योंकि हमला करने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है। जान बचाने के लिए भाग गए। अगर वे सामने आते तो कुछ गलत हो सकता था। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। आपके घर में बच्चे हैं। आपके माता-पिता और पत्नी हैं। हम चिंतित हैं। इस तरह का अपराध दोबारा मत करना। क्योंकि इससे परेशानी पैदा होगी।

संजय राउत ने कुछ लोगों पर महाराष्ट्र में अराजकता फैलाने के लिए ये हमले करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने उन लोगों की तुलना ऐतिहासिक शख्सियतों से की। जो अशांति फैलाने के लिए जाने जाते हैं और दावा किया कि उनका इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने इस मुद्दे को और स्पष्ट करते हुए कहा कि कोई आप पर हमला करवा रहा है। वह अहमद शाह अब्दाली है। उसे महाराष्ट्र में इस तरह की अराजकता फैलाने का ठेका दिया गया है। आपका इस्तेमाल किया जा रहा है। आपके नेता ठेका लेकर चुप बैठे रहते हैं। वे आपको आपस में लड़वाते हैं। राज्य में यह ठीक नहीं है।
उन्होंने राज ठाकरे पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने कभी भी इस तरह की कायरतापूर्ण रणनीति का सहारा नहीं लिया। अंधेरे की आड़ में हमला करना और फिर उसका बखान करना उनकी शैली नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि राज ठाकरे के काफिले पर हमारी पार्टी ने कभी हमला नहीं किया। हमारी पार्टी की यह भूमिका नहीं है। मैंने पहले भी स्पष्ट किया है। कायरता उसे कहते हैं जो अंधेरे में झांके और फिर उसकी तारीफ करे।
संजय राउत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को चुनौती देते हुए उन पर अपनी शक्ति का गैर-जिम्मेदाराना ढंग से उपयोग करने तथा अपने समर्थकों के बीच इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सामने आकर बोलो। छिपकर क्यों करते हो। डरते क्यों हो? इतना बड़ा काफिला है और 50-60 गाड़ियां हैं। कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सीएम की है। सीएम गुंडागर्दी की भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
आपको दें कि महाराष्ट्र में राजनीतिक तनाव जारी है। नेताओं के बीच हाल की घटनाओं को लेकर तीखी बयानबाजी हो रही है। महाराष्ट्र की सियासत को लेकर देशभर में चर्चा है।












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